Petrol Diesel Price Hike: 15 मई से अब तक चार बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं और कुल 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है। डीजल की किल्लत और महंगाई से 20 फीसदी ट्रक सड़क से हट गए हैं।
Petrol Diesel Prices Hike: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और इसका असर अब सिर्फ गाड़ी चलाने वालों तक सीमित नहीं रहा। 15 मई से 25 मई तक 11 दिनों में चार बार हुई बढ़ोतरी ने जहां आम आदमी की जेब पर सीधा बोझ डाला है, वहीं देश की ट्रक इंडस्ट्री बुरी तरह चरमराने लगी है। माल ढुलाई महंगी होने से खाने-पीने की चीजों की कीमतें भी बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है।
चार बार में तेेल की कीमतें 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं। 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा हुआ था। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में 3-3 रुपये का इजाफा हुआ था। इसके बाद 19 मई को 90 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी। फिर 23 मई को पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर बढ़े थे।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| कोलकाता | ₹113.51 | ₹99.82 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| चेन्नई | ₹108.01 | ₹99.78 |
| गुरुग्राम | ₹102.77 | ₹95.44 |
| नोएडा | ₹101.92 | ₹95.37 |
| बेंगलुरु | ₹110.89 | ₹98.80 |
| भुवनेश्वर | ₹108.83 | ₹100.55 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | ₹86.47 |
| हैदराबाद | ₹115.73 | ₹103.82 |
| जयपुर | ₹112.76 | ₹97.86 |
| लखनऊ | ₹102.04 | ₹95.53 |
| पटना | ₹113.65 | ₹99.65 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | ₹104.41 |
Bank of Baroda के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का कहना है कि OMC को हो रहे नुकसान को देखते हुए यह बढ़ोतरी जरूरी थी और आगे भी इजाफा हो सकता है। Emkay Global Financial Services ने तो अनुमान लगाया है कि आने वाले कुछ समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर तक और बढ़ सकती हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल के दामों में भारी उछाल आया था। इसके बाद से ही Indian Oil Corporation, BPCL और HPCL जैसी सरकारी तेल कंपनियां पिछले कई महीनों से बढ़ी हुई कीमतों पर क्रूड ऑयल खरीद रहीं थीं। बढ़ी हुई कीमतों का सीधा असर जनता पर न आए इसलिए घाटा खुद वहन कर रही थीं। लेकिन अब यह बोझ इतना बढ़ गया कि कंपनियों को कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ रही है।
डीजल की बढ़ती कीमतों और कई राज्यों में उसकी किल्लत ने ट्रांसपोर्ट सेक्टर की कमर तोड़ दी है। देश के करीब 95 लाख ट्रकों में से लगभग 20 फीसदी ट्रक इस समय सड़कों से हट चुके हैं। All India Motor Transport Congress के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश सभरवाल का कहना है कि डीजल की कुल परिचालन खर्च (ऑपरेटिंग कॉस्ट) में 40 से 45 फीसदी हिस्सेदारी होती है। ऐसे में इस तरह की बढ़ोतरी छोटे ट्रक ऑपरेटरों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रही है।
ट्रकों के सड़क से हटने और माल ढुलाई की दर बढ़ने का सीधा असर रोजमर्रा की चीजों पर पड़ेगा। खाने-पीने का सामान, सब्जियां और अन्य जरूरी वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्री का 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा छोटे ऑपरेटरों के हाथ में है जो पहले से ही बढ़ती लागत और घटती कमाई से जूझ रहे हैं। अगर OMC को 10 रुपये की और बढ़ोतरी करनी पड़ी तो यह संकट और गहरा हो सकता है।