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Why Banking Stocks Down Today: रेपो रेट में बदलाव नहीं होने की उम्मीद, फिर क्यों गिर रहे हैं बैंकों के शेयर? जानिए वजह

Banking Stocks Fall Reason: RBI की MPC बैठक के बीच मंगलवार को बैंकिंग शेयरों में बिकवाली देखी गई। Nifty Bank करीब 1% टूटा। निवेशक महंगाई और मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण RBI के रुख पर नजर बनाए हुए हैं।
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Aug 04, 2026
RBI Monetary Policy Impact On Banking Stocks
Nifty Bank के शेयरों में 3% तक की गिरावट आई। (फोटो: AI)

Nifty Bank Index Fall: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक जारी है। बैठक में लिये गए फैसले बुधवार को जारी किये जाएंगे। इससे पहले मंगलवार को बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखने को मिला। Nifty Bank इंडेक्स कारोबार के दौरान 1 फीसदी से ज्यादा टूटकर 57,519.75 के स्तर पर पहुंच गया। इससे प्राइवेट बैंकों के शेयरो पर बिकवाली का दबाव दिखा। लगातार बढ़ती महंगाई, मिडिल ईस्ट में तनाव और सेंट्रल बैंक के पॉलिसी रुख की अनिश्चितता का असर मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ा।

बाजार क्या उम्मीद कर रहा है?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में MPC की यह साल 2026 में चौथी बैठक है। यह मीटिंग मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच हो रही है। जून में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38 फीसदी पर पहुंच गई, जो RBI के 4 फीसदी के टार्गेट से ऊपर है। पिछली बैठक में रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा गया था और इस बार भी ज्यादातर अर्थशास्त्री दरें अपरिवर्तित रहने की उम्मीद जता रहे हैं। रॉयटर्स के एक सर्वे में शामिल 72 अर्थशास्त्रियों में से 68 ने माना कि RBI इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा।

Banking Stocks क्यों गिरे?

ऐसे में यह समझना जरूरी है कि जब रेपो रेट स्थिर रहने की उम्मीद है, तो फिर बैंकिंग शेयर क्यों गिर रहे हैं। दरअसल, बाजार इस समय सिर्फ मौजूदा रेपो रेट पर नहीं, बल्कि RBI के आगे के संकेतों यानी फॉरवर्ड गाइडेंस पर नजर बनाए हुए है। अगर RBI यह कहता है कि महंगाई अब भी चिंता का विषय बनी हुई है और आने वाले समय में सख्त रुख अपनाया जाएगा, तो इससे भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कमजोर पड़ जाएगी, जिसका सीधा असर बैंकों के मुनाफे और शेयरों पर पड़ेगा।

किन शेयरों पर सबसे ज्यादा असर?

इस गिरावट में Federal Bank सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जिसमें 3 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई। Axis Bank डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा टूटा, जबकि AU Small Finance Bank, HDFC Bank, State Bank of India, ICICI Bank और IndusInd Bank में 0.5% से 1% तक की गिरावट रही। इसके उलट Canara Bank, Bank of Baroda और Punjab National Bank जैसे सरकारी बैंकों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।

एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?

PL Capital की लीड इकोनॉमिस्ट प्राची केले के मुताबिक, युद्ध के माहौल के बीच समिति सतर्क रुख अपना सकती है। उनका मानना है कि अगस्त की बैठक में दरें 5.25 फीसदी पर ही बनी रह सकती हैं, क्योंकि FCNR(B) से जुड़े कदमों का असर सकारात्मक दिख रहा है और खरीफ की अच्छी बुवाई से भी राहत मिल रही है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)