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Reliance Jio का IPO कब होगा लॉन्च? संभावित प्राइस बैंड आया सामने, जानिए क्या है GMP

रिलायंस जियो IPO जून 2026 के आसपास लॉन्च हो सकता है। DRHP फाइल करने से पहले ही GMP शुरू हो चुका है, Zerodha, Bigul और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक इश्यू साइज 20,000 करोड़ से 36,000 करोड़ रुपये के बीच आंका जा रहा है।
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Jan 10, 2026
JIO ipo
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

Reliance Jio IPO: रिलायंस जियो का IPO लंबे समय से भारतीय कैपिटल मार्केट में चर्चा का विषय बना हुआ है और 2026 में इसके लॉन्च को लेकर लगातार नए संकेत सामने आ रहे हैं। विभिन्न ब्रोकरेज और मार्केट प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, यह आईपीओ अब इश्यू की तैयारी के आखिरी स्टेज में माना जा रहा है। तीसरे और सबसे अहम अपडेट के तौर पर यह सामने आया है कि रिलायंस जियो IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम DRHP फाइलिंग से पहले ही शुरू हो चुका है, जिससे निवेशकों की रुचि की गहराई साफ जाहिर हो रही है।

कब आ सकता है IPO?

जिरोधा पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज की AGM में यह स्पष्ट किया गया था कि रिलायंस जियो को 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में लाने की तैयारी है। मौजूदा संकेत जून 2026 के आसपास की टाइमलाइन की ओर इशारा कर रहे हैं। जिरोधा के मुताबिक, कंपनी रेगुलेटरी अप्रूवल्स के साथ IPO स्ट्रक्चर को अंतिम रूप देने में जुटी है। लाइव मिंट और अन्य मार्केट रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है, जिसका प्राइस बैंड लगभग 1,048 से 1,457 रुपये तक हो सकता है।

इतिहास का सबसे बड़ा इश्यू साइज

Bigul और अन्य मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के अनुसार, रिलायंस जियो IPO का अनुमानित इश्यू साइज करीब 20,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। हालांकि प्रतिशत हिस्सेदारी के आधार पर देखें तो यह आंकड़ा करीब 4 बिलियन डॉलर तक जाता है, जो रुपये में लगभग 36,000 करोड़ रुपये के आसपास बैठता है। Reuters और निवेश बैंकों के अनुमानों के मुताबिक, रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन 130 बिलियन डॉलर से 170 बिलियन डॉलर के दायरे में आंकी जा रही है, जिससे यह देश की टॉप वैल्यूएशन वाली लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो सकती है।

DRHP से पहले जीएमपी

Bigul के डेटा के अनुसार, रिलायंस जियो IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम लगभग 93 रुपये प्रति शेयर के आसपास बताया जा रहा है, जो इस बात का संकेत है कि DRHP फाइलिंग से पहले ही अनलिस्टेड मार्केट में डिमांड बन चुकी है। DRHP यानी Draft Red Herring Prospectus, ये वह प्रारंभिक दस्तावेज होता है जिसे कोई कंपनी IPO लाने से पहले मार्केट रेगुलेटर के पास फाइल करती है, जिसमें बिजनेस, फाइनेंशियल्स और इश्यू से जुड़ी डिटेल्स दी जाती हैं। DRHP से पहले GMP का एक्टिव होना आमतौर पर मजबूत मार्केट को दर्शाता है।

Updated on:
10 Jan 2026 04:06 pm
Published on:
10 Jan 2026 04:06 pm