कारोबार

Stock Market Crash: सेंसेक्स 931 अंकों की गिरावट के साथ हुआ बंद, निफ्टी का भी बुरा हाल, जानिए क्यों क्रैश हुआ मार्केट

गुरुवार के कारोबारी सत्र में शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके पांच सबसे अहम कारण है, जिनको समझना जरूरी है।
2 min read
Apr 09, 2026
Feature image

भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध में सीजफायर की खबर के बाद पिछले कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में कुछ तेजी देखने को मिली। लेकिन यह तेजी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाई और गुरुवार को बाजार खुलने के साथ ही भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद पूरे कारोबारी सत्र में बिकवाली जारी रही और सेंसेक्स 1.2 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके साथ ही निफ्टी में भी 0.93 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

आज कितना गिरा बाजार

गुरुवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 931 अंकों की गिरावट के साथ 76,631.65 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 222.25 अंक गिरकर 23,775 पर बंद हुई। इसी दौरान इंट्राडे करोबार में सेंसेक्स 1,215 अंक यानी 1.5 फीसदी की गिरावट और निफ्टी में 314.5 अंक यानी 1.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इन कंपनियों को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

सेंसेक्स की 30 बड़ी कंपनियों में से इंडिगो, एल एंड टी, इटरनल, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इन सभी के शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। वहीं बेल, पावरग्रिड, एनटीपीसी में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई।

सेंसेक्स की 30 बड़ी कंपनियों के शेयर में गिरावट।

बाजार में आई गिरावट के पांच बड़े कारण

  1. वैश्विक बाजारों में गिरावट: बुधवार को आई जबरदस्त तेजी के बाद, गुरुवार को वैश्विक बाजारों ने कमजोर प्रदर्शन किया जिसके चलते भारतीय निवेशकों पर दबाव रहा और बाजार में बिकवाली जारी रही। एशियाई बाजारों में, जापानी निक्केई लगभग 0.65 फीसदी, चीनी शंघाई इंडेक्स लगभग 1 फीसदी, हांगकांग का हैंग सेंग लगभग 0.50 फीसदी और दक्षिण कोरियाई कोस्पी लगभग 1.50 फीसदी कि गिरावट के बाद बंद हुए।
  2. महंगाई का खतरा: एक्सपर्ट्स के मुताबिक अभी 10 अप्रैल को होने वाली युद्धविराम बातचीत के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। क्योंकि दो सप्ताह का युद्धविराम मात्र कुछ देर के लिए राहत दे सकता है लेकिन लंबे समय के लिए स्थाई राहत होना जरूरी है।
  3. गैस में कमी: भारत क्रूड ऑयल तो दूसरे देशों से ले सकता है लेकिन गैस के लिए उसे मिडिल ईस्ट पर ही निर्भर रहना पड़ता है। अगर वहां युद्ध या नुकसान होता है, तो गैस की सप्लाई कम हो जाती है।
  4. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना: हालांकि युद्धविरान के बाद इस मार्ग को खोलने की बात सामने आ रही है, लेकिन अभी भी पूरी तरह से यह ईरान के कंट्रोल में ही है। इसके साथ ही गुरुवार को तेल की कीमतों में आई तेजी ने भी बाजार को प्रभावित किया है।
  5. FII की लगातार बिकवाली: कमजोर रुपये के कारण विदेशी निवेशक लगातार अपने शेयरबेच कर बाजार से पैसा निकाल रहे है। यह बाजार के लिए गंभीर संकट है।
Updated on:
09 Apr 2026 04:31 pm
Published on:
09 Apr 2026 04:31 pm