
TDS Refund: अगर आपकी सैलरी, बैंक ब्याज या किसी और आमदनी पर जरूरत से ज्यादा TDS कट गया है तो वह पैसा वापस मिल सकता है। इसके लिए बस ITR फाइल करनी होती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिटर्न प्रोसेस करने के बाद यह रकम सीधे आपके बैंक खाते में भेज देता है। काटा गया TDS सीधे सरकार के पास जमा होता है। ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि टैक्स समय पर और सीधे सोर्स से ही वसूला जा सके।
जब किसी वित्त वर्ष में आपसे काटा गया TDS आपकी असल टैक्स देनदारी से ज्यादा हो जाता है तो रिफंड बनता है। यदि आपकी कुल आमदनी बेसिक एग्जेम्शन लिमिट से कम है और कोई टैक्स देनदारी बनती ही नहीं है तब भी कंपनी द्वारा आपका TDS काटा गया है तो आप इसे रिफंड करवा सकते हैं।
TDS सैलरी, डिविडेंड, बैंक ब्याज, प्रोफेशनल फीस, कंसल्टेंसी चार्ज, कमीशन, ब्रोकरेज, लॉटरी और ऑनलाइन गेमिंग जैसी आमदनी पर कटता है। यानी इन सभी मामलों में आपको पेमेंट टैक्स काटकर मिलता है। ITR फाइल करके यही कटा हुआ पैसा वापस लिया जा सकता है।
कई बार ITR फाइल करने के बाद भी रिफंड नहीं आता। इसकी पांच मुख्य वजहें हो सकती हैं।
इन सभी समस्याओं से बचने के लिए ITR फाइल करने से पहले PAN को Aadhaar से लिंक करें और बैंक खाते की डिटेल पोर्टल पर अपडेट और वैलिडेट करें।