अगर आपकी कार के टायर घिस चुके हैं तो बारिशों से पहले ही इन्हें बदलवा लें, क्योंकि बारिशों में ब्रेक कम लगते हैं और कार फिसलने का खतरा बना रहता है।
भारत में मानसून ने दस्तक दे दी है और कई राज्यों में तो बारिश से बुरा हाल भी हो चुका है। आज हम आपको बारिश के मौसम में किस तरह कार ड्राइव करनी है और किन बातों का ध्यान रखना है इसके बारे में बता रहे हैं। बेशक मानसून से राहत मिलती हो और फसलों को पानी मिलता हो, लेकिन सड़क पर इनकी वजह से कई दुर्घटनाएं भी होती हैं। अगर इस मानसून के मौसम में आपको गाड़ी चलानी है तो आप इन चीजों को साथ लेकर और इन खास बातों को ध्यान में रखकर ही ड्राइविंग करें।
मानसून में कार के टायर्स का खास ख्याल रखना पड़ता है। अगर आपकी कार के टायर घिस चुके हैं तो बारिशों से पहले ही इन्हें बदलवा लें, क्योंकि बारिशों में ब्रेक कम लगते हैं और कार फिसलने का खतरा बना रहता है।
बारिश में सड़कों पर पानी होने की वजह से ब्रेक कम लगते हैं और कार थोड़ी फिसलती है, इसलिए पहले ही कार के ब्रेक को चेक करवा लीजिए कि ठीक से काम कर रहे हैं या नहीं।
बारिश में आगे देखने के लिए शीशी साफ होना जरूर है, जिसमें वाइपर की बहुत अहम भूमिका होती है तो ये ध्यान रखें कि वाइपर ठीक हैं या नहीं... घर से निकलने से पहले वाइपर कैसे काम कर रहे हैं और रबर ठीक करके ही रखें।
बारिश में अन्य दिनों के मुकाबले कम दिखाई देता है इसलिए लाइट जितनी ज्यादा दुरस्त होंगी उतना ज्यादा ही अच्छा रहेगा। इसलिए हो सके तो अलग से लाइट्स भी लगवा लें ताकि ड्राइविंग करते वक्त किसी भी तरह की दुर्घटना की गुंजाइश न रहे।
बारिश के मौसम में ऐसी जगह जाने से बचे जहां ज्यादा ही पानी भर गया है। हमेशा रस्सी और बेचला साथ रखें ताकि कहीं कीचड़ या पानी में फंस जाने के बाद खींच कर वापस निकाला जा सके।
ड्राइविंग पर बाहर निकलते समय में हमेशा एक टॉर्च, मेडिकल किट, कार में जीपीएस सिस्टम, हथौड़ी और अलग से खाने का सामान साथ लेकर जरूर चलें।