इलेक्ट्रिक वाहन पूरी दुनिया में तेजी से पापुलर हो रहे हैं लेकिन हमारे देश में अभी भी इन वाहनों के बारे में लोगों में उतनी उत्सुकता नहीं है । यही वजह है कि इन वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।
नई दिल्ली: आने वाला वक्त इलेक्ट्रिक वाहनों का है यही वजह है कि मोदी सरकार लगातार इन वाहनों को प्रमोट करने के लिए तरह-तरह की स्कीमें लॉन्च करती है। दरअसल भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति अभी भी लोगों में उतनी जानकारी नहीं है इसीलिए सरकार लगातार कुछ कदम उठाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को इन वाहनों को खरीदने के लिए प्रोत्साहित करती रहती है।
इसी कड़ी में सरकार ने एक नया कदम उठाया है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन चार्ज ( registration fee ) को खत्म करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही रिन्यूवल क लिए भी कोई चार्ज नहीं वसूलने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके लिए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने एक अधिसूचना भी जारी किया है।
मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा है कि बैटरी से चलने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और उन्हें रिन्यू करने के प्रोसेस को शुल्क के दायरे के बाहर रखा जायेगा। यानि नए इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के समय रजिस्ट्रेशन कराने पर आपको कोई चार्ज नहीं अदा करनी पड़ेगा । यह प्रपोजल टू-व्हीलर, थ्री व्हीलर समेत सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रभावी होगा। चार पहिया सहित बस आदि के लिए भी अब कोई चार्ज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
खबर तो ये भी है कि सरकार इन वाहनों पर जीएसटी ( GST ) शुल्क को 15 से घटाकर 5 फीसदी तक कर सकती है।
हाल ही में नीति आयोग ने 2030 के बाद से सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही चलाये जाए तथा अन्य वाहनों को धीरे धीरे बंद करने का प्रताव भी रखा है। 2025 के बाद से भारत में 150cc से कम क्षमता वाले इलेक्ट्रिक वाहन बंद कर दिए जाएंगे।