जांच के बाद आइसोलेशन वार्ड में रखने की बात पर भाग गया युवक सिंगापुर से आए व्यक्ति को कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया
चंडीगढ़। कोरोना वायरस Corona virus को लेकर पूरे देश में चिन्ता है। पंजाब भी इससे अछूता नहीं है। पंजाब में बुधवार को दो घटनाएं हुईं। दुबई से लौटे एक युवक के बारे में संदेह हुआ कि वह कोरोना वायरस से पीड़ित है। उसे अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां से भाग गया। सिंगापुर से आए व्यक्ति की जांच की गई। वह ठीक निकला, लेकिन उसे वापस सिंगापुर भेज दिया गया। उधर, अमृतसर से खबर आ रही है कि पंजाब में कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से पीड़ित नहीं है। जो इस तरह की अफवाह फैलाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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मोगा के सिविल अस्पताल से भागा
दुबई से लौटे मोगा के 32 वर्षीय नौजवान में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दिए। इसके बाद इलाज करवाने के लिए परिवार वाले उसे मोगा के सिविल अस्पताल लेकर आए। परीक्षण होने के बाद जब चिकित्सक ने आइसोलेशन वार्ड में रखने की सलाह दी तो युवक घबरा गया। युवक को लगा कि उसे कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज समझा जा रहा है। इसके बाद वह अस्पताल से भाग गया। पुलिस उसे तलाश कर रही है। बता दें कि न्यूजीलैंड से लौटे युवक में कोरोना वायरस के लक्षण दिखे थे। उसके रक्त का नमूना लेकर दिल्ली भेजा था। वह भी अस्पताल से फरार हो गया था, लेकिन बाद में काबू कर लिया गया था।
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सिंगापुर वापस भेजा
पंजाब के डेराबस्सी स्थित एक होटल में सिंगापुर से एक विदेशी सात दिन के लिए किसी कारखाने में मशीनें स्थापित करने आया है। डेराबस्सी सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने विदेशी से होटल में जाकर संपर्क किया। परीक्षण में कोरोना का कोई भी लक्षण नहीं मिला। फिर भी उसे शाम की फ्लाइट से वापस सिंगापुर भेज दिया गया। इससे पहले उसे कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
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