चेन्नई

Tamilnadu Assembly Election: रॉयपुरम में जयकुमार बनाम सुबैर खान में कड़ा मुकाबला

रॉयपुरम विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प हो गया है। AIADMK के डी. जयकुमार और DMK के डॉक्टर सुबैर खान के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है, जहां सस्ती आवास और कल्याणकारी योजनाएं मुख्य चुनावी मुद्दे बन गए हैं। रॉयपुरम में कौन-कौन हैं मुख्य दावेदार? रॉयपुरम विधानसभा क्षेत्र में AIADMK […]

2 min read
Apr 17, 2026
सांकेतिक इमेज

रॉयपुरम विधानसभा सीट पर चुनावी मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प हो गया है। AIADMK के डी. जयकुमार और DMK के डॉक्टर सुबैर खान के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है, जहां सस्ती आवास और कल्याणकारी योजनाएं मुख्य चुनावी मुद्दे बन गए हैं।

ये भी पढ़ें

Tamil Nadu Election 2026: BJP घोषणापत्र में महिलाओं, गिग वर्कर्स और सुरक्षा पर जोर

रॉयपुरम में कौन-कौन हैं मुख्य दावेदार?

रॉयपुरम विधानसभा क्षेत्र में AIADMK के डी. जयकुमार और DMK के डॉक्टर सुबैर खान आमने-सामने हैं। जयकुमार मछुआरा समुदाय से आते हैं और क्षेत्र में स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जाने जाते हैं। वे 1991 से लगातार इस सीट पर चुनाव लड़ते आ रहे हैं और केवल दो बार (1996 और 2021) ही हार का सामना किया है। जयकुमार ने दावा किया है कि “पिछली बार सीट चली गई थी, ऐसी घटनाएं एक बार ही होती हैं। इस बार मैं निश्चित रूप से जीतूंगा और रॉयपुरम को AIADMK का गढ़ बनाऊंगा।” वे अपने कार्यकाल में बोजराजन नगर सबवे सहित कई विकास कार्यों और कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हैं।

वहीं, DMK ने इस बार डॉक्टर सुबैर खान को टिकट दिया है, जो पार्टी के वरिष्ठ नेता रहमान खान के पुत्र हैं। DMK अपने शासन की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं का जोरदार प्रचार कर रही है। पार्टी अल्पसंख्यक वोट बैंक, खासकर मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने में सक्रिय है। सुबैर खान विभिन्न समुदायों के बीच संवाद बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

अल्पसंख्यक महिला वोट और समुदायों की भूमिका

इस सीट पर अल्पसंख्यक महिलाओं का रुख बेहद निर्णायक माना जा रहा है। क्षेत्र के प्रमुख मतदाता समूहों में मछुआरे, मुस्लिम, नाडर और दलित समुदाय शामिल हैं। 2021 में जयकुमार के लिए अल्पसंख्यक मतों के DMK की ओर झुकने के बाद, उन्हें विश्वास बहाल करना बड़ी चुनौती है, जबकि DMK को अपने पूर्व विधायक के खिलाफ कुछ विरोध भी देखना पड़ रहा है।

चुनावी मुद्दे: जीवनयापन, आवास और कल्याण योजनाएं

रॉयपुरम विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मतदाता रहते हैं। ये मतदाता सरकार से सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की अपेक्षा कर रहे हैं। एक स्थानीय महिला मतदाता, जो छाछ और एलोवेरा जूस बेचकर जीवनयापन करती हैं, का कहना है कि गरीबों के लिए सरकार की योजनाएं सबसे ज्यादा मायने रखती हैं।

यहां के नागरिकों की प्रमुख मांगों में जर्जर तमिलनाडु शहरी आवास विकास बोर्ड के मकानों का पुनर्विकास, प्रसूति अस्पताल की स्थापना और तटीय इलाकों में बाढ़ राहत के उपाय शामिल हैं। वाशरमैनपेट जैसे पुराने इलाकों में भी अभी विकास की जरूरत महसूस की जा रही है।

मतदाताओं की मांगें और क्षेत्रीय प्राथमिकताएं

रॉयपुरम के मतदाता सरकार से ठोस सामाजिक सुरक्षा उपाय, जर्जर मकानों के पुनर्निर्माण, मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ से बचाव के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व की बात करें तो रॉबिन्सन पार्क में 1949 में DMK की स्थापना हुई थी, जिससे स्थानीय लोग सरकार की सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा रखते हैं।

आगामी चुनावों के मद्देनजर रॉयपुरम में जीवनयापन, आवास और आधारभूत सुविधाओं के मुद्दे सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गए हैं, जिन पर दोनों प्रमुख पार्टियां मतदाताओं का भरोसा जीतने की कोशिश में जुटी हैं।

Tamilnadu Assembly Election: रॉयपुरम में जयकुमार बनाम सुबैर खान में कड़ा मुकाबला (सांकेतिक इमेज)

ये भी पढ़ें

Tamil Nadu Assembly Elections 2026: उदयनिधि स्टालिन ने किया बड़ा वादा
Also Read
View All