छतरपुर

राम दरबार में थमीं सांसें, मुंबई के श्रद्धालु की बागेश्वर धाम में मौत, पूरी हुई अंतिम इच्छा

Bageshwar Dham devotee Last Wish: बागेश्वर धाम के राम दरबार में दर्शन के दौरान मुंबई के एक श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
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Jun 18, 2026
Bageshwar Dham devotee death satish kamad mumbai last wish fulfilled ram darbar
Bageshwar Dham devotee death- मुंबई के श्रद्धालु सतीश कामद की राम दरबार में मौत (फोटो सोर्स- Patrika)

Bageshwar Dham devotee death: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थस्थल बागेश्वर धाम में मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक सहयोग की एक भावुक तस्वीर सामने आई। बागेश्वर धाम के राम दरबार में दर्शन के दौरान मुंबई के एक श्रद्धालु सतीश कामद (Satish Kamad) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बागेश्वर धाम पुलिस चौकी और स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल छतरपुर में सुरक्षित रखा गया।

सूचना मिलने पर मृतक की पत्नी स्नेह कामद, बेटी कृतिका कामद और भाई दिनेश कामद मुंबई से हवाई मार्ग से छतरपुर पहुंचे। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सतीश के शव को उनके परिवार को सौंपा गया। श्रद्धालु सतीश की अंतिम यात्रा में प्रधान आरक्षक रविंद्र मिश्रा, पत्रकार तथा जिला अस्पताल की टीम सहित अन्य लोगों ने कंधा देकर मानवता और सामाजिक दायित्व का परिचय दिया।

परिवार ने पूरी की अंतिम इच्छा

63 वर्षीय मृतक सतीश कामद मुंबई के ऐरोली के रहने वाले थे। उनकी अंतिम इच्छा का मान रखते हुए परिजनों ने पार्थिव देह को मुंबई ले जाने के बजाय स्थानीय प्रशासन के सहयोग से छतरपुर के सागर रोड स्थित भैंसासुर मुक्तिधाम में ही उनका अंतिम संस्कार कर दिया। उनके बड़े भाई दिनेश कामद ने उन्हें मुखाग्नि दी।

1 जून से लॉज में रुके थे सतीश, सेवा कार्य में लीन थे

बेटी कृतिका कामद ने बताया कि उनके पिता का बागेश्वर धाम से बहुत गहरा लगाव था और वे अक्सर यहां आते रहते थे। इस बार भी वे 1 जून को धाम आए थे और पास ही के एक लॉज में रुके हुए थे। 15 जून की शाम को जब वे राम दरबार में प्रार्थना कर रहे थे, तभी उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा और उनकी सांसें थम गईं। रात को कमरे पर न लौटने पर स्थानीय युवतियों ने मुंबई में उनके परिवार को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने उनके मोबाइल से परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी।

धाम में बसने और 108 पीपल लगाने की थी इच्छा

सतीश कामद की पत्नी स्नेह कामद ने बताया कि उनके पति का धाम से इतना लगाव था कि वे यहां एक फ्लैट लेकर आगे का समय यहीं बिताना चाहते थे। उनकी इच्छा थी कि वे धाम परिसर में 108 पीपल के पेड़ लगाएं और वहां दीया जलाकर यहीं सेवा करें। बेटी कृतिका ने बताया कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी उनके पिता को व्यक्तिगत रूप से जानते थे और जब वे मुंबई के सनातन मठ आए थे, तब गाड़ी रोककर उनसे बात की थी। पिता की इसी अगाध श्रद्धा को देखते हुए परिवार ने छतरपुर में ही उनका अंतिम संस्कार करने का बड़ा फैसला लिया।

Updated on:
18 Jun 2026 07:58 pm
Published on:
18 Jun 2026 07:58 pm
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