कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में मददगार साबित होगी इंजीनियर की ये सेनेटाइजर मशीन, तंग गलियों में जाकर घरों को कर रहे सेनेटाइज..
छिंदवाड़ा. कहते हैं आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है और यह बात एक इंजीनियर ने साबित भी कर दिखाई है। इंजीनियर (engineer) ने कोरोना संक्रमण (corona virus) के दौरान एक ऐसी मशीन की कल्पना की जो बहुत सस्ती, सुंदर और टिकाउ भी हो। सोच को कुछ ही दिनों में इंजीनियर ने अपनी पुरानी बाइक (old bike) पर साकार कर दिखाया, अब उसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है। मामला छिंदवाड़ा (chhindwara) का है जहां इंजीनियर हुजैफी खान ने पुरानी राजदूत (rajdoot bike) को सेनेटाइजर मशीन (sanitizer machine) में तब्दील कर दिया है और जनसेवा के कार्य में जुटे हुए हैं।
राजदूत वाला 'देवदूत'
छिंदवाड़ा के उबेद नगर निवासी इंजीनियर हुजैफी खान अबुशहमा खान ने एक सेनेटाइजर बाइक बनाई है इस सेनेटाइजर बाइक को राजदूत मोटरसाइकिल पर बनाया गया है। न्यू युवा परिवर्तन के संस्थापक सदस्य नोनिया निवासी शेख फारुख (शानू भाई) ने बताया कि कोविड काल में भीड़ भाड़ वाली जगहों जैसे मेडिकल, क्लीनिक, सिटी स्कैन सेंटर या जिन घरों में संक्रमित मरीज है वहां से संक्रमण फैलने का खतरा बहुत ज्यादा रहता है इस खतरे को दूर करने के लिए सेनेटाइजर बाइक बनाई गई है। जिससे संक्रमण को काफी हद तक खत्म किया जा सकेगा।
हमारा देश और शहर ज्यादातर गली और कस्बों में बसा हुआ है जहां पर बड़ी गाड़ियां नहीं जा सकतीं, जिस वजह से यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है और संक्रमण की चेन हमें तोड़नी है। इस चीज को ध्यान में रखते हुए गाड़ी कंपैक्ट डिजाइन की चाहिए जो छोटी गली मोहल्ले और जहां पर भी बड़ी गाड़ियां नहीं जा पा रही हैं वहां पर आसानी से जा सके। इसलिए पेशे से इंजीनियर हुजैफी खान ने अपने पापा अबुशहमा खान की पुरानी गाड़ी को सेनेटाइजेशन बाइक बना दिया।
हुजैफी खान का कहना है कि इंजीनियर्स को आगे आकर इस माहामारी को रोकने के लिए पोर्टेबल और कॉम्पैक्ट मशीन का निर्माण करना चाहिए। हुनर सब के पास है निखारना होना। उनके मार्गदर्शक बड़े भाई इंजीनियर कैफ़ी खान है और प्रेरणा स्त्रोत उनका परिवार है।
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