चित्रकूट

इस 6 महीने की बच्ची को उसके ही परिवार वाले भेजना चाहते हैं जेल, जानें क्यों

रामलीला मंचन के दौरान दो पुलिस के सिपाहियों से मारपीट करने के चलते पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिसमें एक महिला भी शामिल है। महिला की छह महीने की बच्ची है, जिसे उसकी दादी जेल भेजना चाहती हैं। ताकि बच्ची अपनी मां के साथ रह सके।
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Updated: 4 Oct 2022, 3:43 PM IST
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Family wants to send 6 month old girl to jail

आमतौर पर लोग जेल से निकलने के लिए अधिकारियों और कोर्ट के चक्कर लगाते हैं लेकिन यूपी के चित्रकूट में अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक परिवार 6 महीने की छोटी बच्ची को जेल भेजने के लिए जेल प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। परिजन अधिकारियों से विनती कर रहे हैं कि बच्ची को जेल भेजा जाए। दरअसल, शहर के राजापुर थाना क्षेत्र के कस्बे में रामलीला मंचन के दौरान एक युवती से पुलिस के सिपाहियों द्वारा अभद्रता करने पर भीड़ ने दोनों सिपाहियों से मारपीट की थी। इस मामले में 20 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जिसमें से 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसमें एक विवाहिता महिला पूजा भी शामिल है। उसकी 6 महीने की छोटी बच्ची है। जिसे पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया है।

मां के बिना बच्ची का रो-रोकर बुुरा हाल

बता दें कि पुलिस ने महिला को सिपाहियों से मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया लेकिन उसकी बच्ची को परिजनों के हवाले कर दिया। नन्हीं बच्ची की मां के जेल जाने के बाद उसकी देखभाल को कोई नहीं है। जिससे बच्ची का रो-रोकर बुुरा हाल है। उसे अपनी मां का दूध भी नहीं मिल पा रहा। यही वजह है कि बच्ची की दादी उसे उसकी मां के पास जेल में भेजने के लिए दिन-रात अधिकारियों से विनती कर रही है। लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। परिजन बच्ची को लेकर मंगलवार को जिला कारागार रगौली पहुंचे। वहां भी जेल के अधिकारियों ने बिना कोर्ट के आदेश के बच्ची को लेने से मना कर दिया।

कहा, कोर्ट के आदेश पर बच्ची को भेजेंगे जेल

बताया जाता है कि पीड़ित महिला ने 6 महीने की बच्ची को जेल भेजने के लिए सदर विधायक अनिल प्रधान से भी गुहार लगाई है। लेकिन इसके बावजूद भी कोई उसकी मदद करने को तैयार नहीं हैं। वहीं इस मामले पर जेल अधीक्षक अशोक सागर का कहना है कि पुलिस द्वारा कागज में बच्ची के बारे में जानकारी नहीं दी गयी है। इसलिए जेल प्रशासन उसे जेल के अंदर नहीं रख सकता है, जब तक कि न्यायालय आदेश नहीं करता है। अगर न्यायालय का आदेश मिल जाता है तो उस बच्ची को उसकी मां के साथ रख लिया जाएगा। ऐसे में सवाल ये उठता है कि यदि मां की गैरमौजूदगी में बच्ची की हालत बिगड़ गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?

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