नववर्ष के पहले दिन श्री सांवलिया सेठ मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से पहुंचे आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नए साल की सुख-समृद्धि की कामना की।
चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के सुप्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में नववर्ष के पहले दिन आस्था का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। गुरुवार को देश के कोने-कोने से आए आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन कर नए साल की मंगल कामना की। मान्यता है कि साल के पहले दिन सेठजी के दर्शन से पूरे वर्ष की शुरुआत सुखद होती है। इसी विश्वास के साथ भक्त नाचते-गाते और नंगे पैर दरबार में पहुंचे।
भीड़ के दबाव को देखते हुए मंदिर मंडल की ओर से पहली बार मीरा सर्किल से मुख्य मंदिर तक चार घुमावदार लाइनें बनाई गईं। बीमार और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग से कार्मिक तैनात किए गए। जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई। कतारों में खड़े भक्तों के लिए जगह-जगह आरओ के पानी और चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम रहा।
मंदिर परिसर को इस बार खास तौर पर गुलाब और केवड़े के जल से महकाया गया। कॉरिडोर में विशेष फूलों, काठियावाड़ी छतरियों, आकर्षक हाथियों और गुब्बारों से की गई सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। वहीं मंदिर परिसर को चार लाख से अधिक फूलों से सजाया गया, जो बाहर से मंगवाए गए थे। सांवलिया सेठ का आकर्षक श्रृंगार किया गया, जो देखते ही बन रहा था। रात्रि में विशेष आकर्षक लाइटिंग की गई।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने वाहनों को मंदिर से दो किलोमीटर पहले ही भादसौड़ा बाईपास, चिकारड़ा रोड और कुराठा बाईपास स्थित पार्किंग स्थलों पर रोक दिया। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रोडवेज और निजी बसों के विशेष इंतजाम किए गए।
मंदिर ट्रस्ट की ओर से चिकारड़ा रोड स्थित गौशाला में श्रद्धालुओं को निशुल्क छाछ और राबड़ी का वितरण किया गया। ठहरने के लिए तीन बड़े डोम बनाए गए, क्योंकि जिले के सभी होटल और धर्मशालाएं दो दिन पहले ही बुक हो चुकी थीं। अधिक मांग के चलते होटल संचालकों ने किरायों में भी बढ़ोतरी कर दी।
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नायाब तहसीलदार शिवशंकर पारीक के अनुसार लाखों की भीड़ के कारण क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क ठप हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।