चित्तौड़गढ़

चित्तौड़गढ़ में 22 साल बाद पंचायतीराज ने जल संसाधन विभाग को सौंपे 11 बांध, 30 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार

Dam Renovation Project Rajasthan: चित्तौड़गढ़ जिले के किसानों के लिए खुशखबर है। पिछले 22 वर्षों से रख-रखाव और बजट के अभाव में जर्जर हो रहे जिले के 11 बांधों का अब जल्द ही कायाकल्प होने वाला है। वर्ष 2003 में पंचायतीराज विभाग को सौंपे गए इन बांधों को जलसंसाधन विभाग ने वापस ले लिया है।

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कदमाली बांध चित्तौड़गढ़, पत्रिका फोटो

Dam Renovation Project Rajasthan: चित्तौड़गढ़ जिले के किसानों के लिए खुशखबर है। पिछले 22 वर्षों से रख-रखाव और बजट के अभाव में जर्जर हो रहे जिले के 11 बांधों का अब जल्द ही कायाकल्प होने वाला है। वर्ष 2003 में पंचायतीराज विभाग को सौंपे गए इन बांधों को जलसंसाधन विभाग ने वापस ले लिया है।
राज्य सरकार ने इन 11 बांधों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 30 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। इन बांधों के जीर्णोद्धार के बाद जिले की 1899 हेक्टेयर सूखी जमीन को सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल सकेगा। विधायकों की अनुशंसा पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने स्वीकृति जारी की है।

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पिछले साल सौंपे थे 50 बांध

जानकारी के अनुसार वर्ष 2003 में सरकार ने 300 हेक्टेयर से कम सिंचाई क्षमता वाले छोटे बांधों की देखरेख का जिम्मा पंचायतीराज विभाग को सौंप दिया था। मंशा यह थी कि स्थानीय स्तर पर बांधों का प्रबंधन बेहतर होगा, लेकिन तकनीकी विशेषज्ञता और पर्याप्त बजट की कमी से यह बांध धीरे-धीरे जर्जर होते चले गए।

नहरें टूट गईं, पाल कमजोर हो गई और भराव क्षमता कम होने लगी। आखिरकार, बांधों की इस बदहाली को देखते हुए वर्ष 2025 में जिले के 50 बांधों को पंचायतीराज विभाग से वापस जलसंसाधन विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया। अब पहले चरण में 11 बांधों के कायाकल्प की पटकथा तैयार हो चुकी है।

इन विधानसभा क्षेत्रों की स्वीकृति

चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभानसिंह आक्या के विधानसभा क्षेत्र के भड़किया बांध, गुणेर बांध, बरखेडी बांध, दहीखेडा 4 बांधों के लिए 10 करोड़ रुपए, विधायक अर्जुनलाल जीनगर की अनुंशसा पर कपासन विधानसभा क्षेत्र के करजिया बांध, रायपुरिया बांध, उसरोल बांध, जाशमा-द्वितीय, मुंगाना कुल 5 बांधों के लिए 10 करोड़ रुपए, विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ की अनुशंसा पर बेगूं विधानसभा क्षेत्र के कदमाली व नाहरगढ़ बांध के लिए दस करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी हुई है।

कदमाली बांध में दिखेगा ‘स्मार्ट बदलाव’

इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे अनोखा और आधुनिक प्रयोग कदमाली बांध पर होने जा रहा है। पारंपरिक रूप से बांधों से पानी खेतों तक पहुंचाने के लिए नहरों का निर्माण किया जाता है, जिसमें पानी का एक बड़ा हिस्सा रिसने और वाष्पीकरण के कारण बर्बाद हो जाता है। जलसंसाधन विभाग ने इस बार पुरानी लीक से हटकर सोचने का फैसला किया है।

कदमाली बांध पर अब टूटी-फूटी नहरों की मरम्मत पर पैसा बर्बाद नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, यहां आधुनिक फ्वारा पद्धति विकसित की जाएगी, जो सोलर से चलेगी। इससे न केवल पानी की हर एक बूंद का सही उपयोग होगा, बल्कि कम पानी में दोगुनी जमीन को सींचा जा सकेगा। यह कदम भविष्य की जलसंकट की चुनौतियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगा।

जिले के बांधों की संख्या और सिंचाई क्षेत्र

क्रमांकबांध का नामसंभावित सिंचाई क्षेत्र (हेक्टेयर)
1कदमाली144
2बरखेड़ी276
3भडकिया106
4दही खेड़ा137
5गुणेल264
6जाशमा2174
7मुंगाना175
8रायपुरिया138
9करजिया102
10नाहरगढ़227
11उसरोल156
कुल11 बांध3,899 हेक्टेयर

डीपीआर तैयार की जा रही है

पंचायतीराज से जलसंसाधन विभाग केा हस्तातंरित हुए 11 बांधों के जीर्णाेद्वार व मरम्मत के लिए 30 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। डीपीआर तैयार की जा रही है, स्वीकृति मिलते है निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कदमाली बांध पर सोलर से संचालित फव्वारा सिंचाई पद्धति का निर्माण किया जाएगा। इन बांधों की मरम्मत से करीब 1899 हेक्टयर में सिंचाई होगी ।
राधेश्याम जाट, अधिशाषी अभियंता, जलसंसाधन विभाग चित्तौड़गढ़

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