मां और बच्चे का रिश्ता ( mother and child relation ) दुनिया में सबसे खास होता है। शुक्रवार को राजस्थान में मां और बेटे से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आए। एक मामले में मां ने बेटे के गम में प्राण त्याग दिए तो दूसरे में बेटे ने मां के निधन के बाद मौत को गले लगा लिया।
निम्बाहेड़ा (चित्तौडग़ढ़).
मां और बच्चे का रिश्ता ( mother and child relation ) दुनिया में सबसे खास होता है। शुक्रवार को राजस्थान में मां और बेटे से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आए। एक मामले में मां ने बेटे के गम में प्राण त्याग दिए तो दूसरे में बेटे ने मां के निधन के बाद मौत को गले लगा लिया।
पहला मामला निम्बाहेड़ा का है यहां सीमेंट हादसे में हुई दुर्घटना में अहमदाबाद में उपचार के दौरान बुधवार तड़के निम्बाहेड़ा के जेके कॉलानी निवासी 32 वर्षीय विकास भाटी का निधन हो गया था। उसका गुरुवार को अंतिम संस्कार के बाद सांयकाल गहरे सदमे के चलते उसकी मां बदामीबाई का भी निधन हो गया।
कुछ ही देर बाद ह्दयघात से मृत्यु
अहमदाबाद से गुरूवार सुबह बेटे विकास का शव घर पहुंचा तो परिवार में हाहाकार मच गया। उसकी बदामीबाई बेसुध हो गई। परिवारजनों व रिश्तेदारों ने जैसे तैसे उन्हें संभाला व विकास का अंतिम संस्कार किया किंतु उसी दिन सांयकाल लगभग साढे छह बजे अचानक ही सदमे के चलते बदामीबाई अचेत हो गई, जिस पर परिजन उन्हें तुरंत चित्तौडग़ढ़ सांवलियाजी अस्पताल ले गए जहां उपचार के दौरान कुछ ही देर बाद ह्दयघात से मृत्यु हो गई। मृतक बेटा विकास तीन भाईयों में सबसे छोटा था तथा मां सहित परिवार का लडला था।
मां की मौत का सदमा नहीं झेल पाया युवक, दे दी जान ( churu news )
दूसरी ओर चूरू के सादुलपुर में सादुलपुर-रेवाड़ी रेलमार्ग पर गांव कांधराण एवं हरपालू के बीच ट्रेन की चपेट में आने से हुई युवक की मौत मामले में घटना के दूसरे दिन मृतक की शिनाख्त गांव कालरी निवासी सुरेन्द्र पूनिया के रूप में हुई। हालांकि पुलिस ( churu police ) ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। ग्रामीणों के मुताबिक युवक ने मां की मौत के सदमे के बाद यह कदम उठाया।
... मां मृत अवस्था में थी
जानकारी के मुताबिक मृतक युवक की मां की मौत भी बुधवार को हुई थी। जिसकी शिनाख्त विहिप के प्रवीण सरदारपुरा की ओर से सोशल मीडिया पर घटना की जानकारी डालनेे के बाद शिनाख्त हुई। ग्रामीणों अनुसार मृतक के पिता हरीराम का पहले ही निधन हो चुका था तथा घर में मां और मृतक सुरेन्द्र रहते थे। एक भाई बैंगलोर में काम कर रहा है। मां भी बीमार चल रही थी। शुक्रवार को मृतक के मकान से बदबू आने पर ग्रामीणों ने मकान खोलकर देखा तो उसकी मां मृत अवस्था में थी।
'जिस दिन मां की मौत होगी दुनिया से चला जाउंगा' ( suicide in churu )
ग्रामीणों के अनुसार सुरेन्द्र कहता था, जब तक मां जिंदा है, तब तक दुनिया में मैं हूं तथा जिस दिन मां की मौत हो जाएगी, उस दिन मैं दुनिया से चला जाउंगा। कयास लगाए जा रहे है कि मां की मौत के सदमे के बाद ही मृतक सुरेन्द्र ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली हो। हालांकि पुलिस का मानना है कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति का खुलासा होगा। ( प्रतीकात्मक तस्वीर )
यह खबरें भी पढ़ें...