चूरू

Rajasthan: मां मरी तो डेढ महीने के बच्चे को पालना गृह छोड़ा, ममता जागी तो वापस लेने पहुंचा पिता

Rajasthan News: चूरू शहर के राजकीय डीबी अस्पताल के मातृ शिशु अस्पताल में एक पिता की कठोरता और करुणा का मार्मिक मामला सामने आया है।
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Aug 11, 2025
Father left the child in the crèche
नवजात की देखभाल करती महिला स्टॉफ व महिला पुलिसकर्मी

Rajasthan News: चूरू शहर के राजकीय डीबी अस्पताल के मातृ शिशु अस्पताल में एक पिता की कठोरता और करुणा का मार्मिक मामला सामने आया है। यहां पहले तो एक पिता पहाड़ सा कलेजा कर शनिवार रात को अपने नवजात शिशु को पालना गृह मेंछोड़ गया, लेकिन अगले ही दिन दिल पसीजा तो उसे लेने वापस पहुंच गया।

दरअसल, लादड़िया निवासी पिता सुरजीत ने पत्नी की मौत के बाद नवजात को पालना गृह में छोड़ा था। फिर जब बहन ने उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेने की बात कही तो बेटे के भविष्य के लिए उसे वापस लाने का फैसला कर लिया।

नहाने गई पत्नी बाथरूम में मृत मिली

सुरजीत ने बताया कि बेटे के जन्म के बाद उसकी पत्नी घर में बने स्नानघर में अपना सिर धोने का कहकर गई थी। लेकिन वापिस नहीं आई तो देखने पर वह स्नानघर में मृत पड़ी थी। ऐसे में वह डेढ महीने तक मासूम के पालन— पोषण के लिए इधर उधर घूमता रहा , लेकिन किसी ने भी उसकी जिम्मेदारी नहीं ली। फिर किसी के कहने पर शनिवार शाम को 6 बजे अस्पताल आकर उसने रात करीब 12 बजे मासूम को पालना गृह में छोड़ दिया।

सोशल मीडिया से बहन को मिली जानकारी

उसने बताया कि रविवार दोपहर को बीनासर निवासी उसकी बड़ी बहन को सोशल मीडिया पर शिशु की पालना गृह की सूचना दिखी। इस पर उसने उसे फोन कर पूछा तो उसने सारी बात बता दी। ये सुन बहन ने उसे कोसा और पालन पोषण की जिम्मेदारी लेते हुए नवजात को वापस लेने भेज दिया। वहीं, चूरू कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया ने बताया कि इस संबंध में पुलिस थाने में कोई शिकायत प्राप्त नही हुई है।

इनका कहना है….

सुरजीत नाम के एक शख्स ने नवजा के पिता होने का दावा किया है। उसकी मां के साथ उसकी फोटो भी दिखाई है। उसे उसकी बड़ी बहन व परिवार के लोगों को लाने के लिए कहा गया है। चाईल्ड हेल्प लाइन की टीम पूरी जांच पड़ताल के बाद ही नवजात के संबंध में फैसला करेगी। कोतवाली पुलिस को भी सूचना दी गई है।

- डॉ. महेश मोहन पुकार, प्राचार्य पण्डित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज

नवजात के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद कानूनी कार्रवाई के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा बाल कल्याण समिति पेश किया जाएगा। सही दस्तावेज पाए जाने पर ही सुरजीत को नवजात सौंपा जायेगा।

- पन्ने सिंह, परियोजना अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन बाल अधिकारिता विभाग, चूरू

Updated on:
11 Aug 2025 01:19 pm
Published on:
11 Aug 2025 01:19 pm