तारानगर के राजपुरा गांव में एक जरूरतमंद परिवार की दो बेटियों की शादी में महंत सुनीता किन्नर ने मायरा भरकर मिसाल पेश की।
तारानगर। जब नानी बाई को आवश्यकता हुई तो भगवान कृष्ण ने मायरा भरा था। उसी प्रेरणा को जीवंत करते हुए तारानगर के गांव राजपुरा के एक जरूरतमंद परिवार की दो बेटियों का मायरा महंत सुनीता किन्नर ने भरकर सेवा संस्कृति को साकार किया।
राजपुरा गांव में उस समय भावुक और गर्व का माहौल बन गया, जब महंत सुनीता अपनी टीम के साथ एक गरीब परिवार की दो बेटियों की शादी में भात भरने पहुंचीं। ढोल-नगाड़ों और मंगल गीतों के बीच जैसे ही भात की रस्म अदा की गई, वहां मौजूद लोगों में यह चर्चा का विषय बन गया।
जानकारी के अनुसार महंत सुनीता की धर्म बहन मूर्ति की दो बेटियों का विवाह था। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण शादी की जिम्मेदारियां भारी थीं। ऐसे में महंत सुनीता ने आगे बढ़कर बहन का फर्ज निभाया और पूरे सम्मान के साथ भात की रस्म अदा की। भात में उन्होंने सोने के हार, अंगूठियां, चांदी के कड़े, पायल, घरेलू बर्तन व आवश्यक सामान सहित 21 हजार नकद राशि भेंट की। इसके अलावा विवाह समारोह में आए मेहमानों को कपड़े और नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
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महंत सुनीता किन्नर ने कहा कि समाज ने उन्हें पहचान और सम्मान दिया है, इसलिए जरूरतमंद परिवारों की मदद करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि मदद तो भगवान करते हैं, वे तो केवल निमित्त मात्र हैं। अब तक वे 11 बार भात भर चुकी हैं और दो गरीब परिवारों की बेटियों की शादी भी करवा चुकी हैं। भात में उनकी टीम की राधा, मोनिक, रूबी सहित कई सदस्य मौजूद रहे। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। उल्लेखनीय है कि महंत सुनीता सामाजिक सरोकारों में जरूरतमंद परिवारों को सहयोग करने में हमेशा अग्रणी रही हैं।