चूरू

साधु के चोले में छिपा शख्स निकला शराब तस्कर, हरियाणा से जुड़े तार; चूरू पुलिस का खुलासा

चूरू जिले में सादुलपुर के सिधमुख थाना क्षेत्र में पुलिस ने एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए साधु के भेष में रह रहे एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ राजगिरी (36), निवासी फतेहाबाद (हरियाणा) मंदिर में पुजारी बनकर रह रहा था।
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Sep 02, 2026
churu liquor smuggler kuldeep singh
Liquor Smuggler Kuldeep Singh (Patrika Photo)

Churu Fake Sadhu Arrested: सादुलपुर (चूरू): धार्मिक स्थलों और साधु के भेष का सहारा लेकर अपराध को अंजाम देने वाले गिरोहों पर लगाम कसते हुए सिधमुख पुलिस ने एक सनसनीखेज शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो मंदिर में साधु का भेष धारण कर पुजारी बनकर रह रहा था और अवैध शराब की तस्करी का काला कारोबार चला रहा था।

मंदिर में पुजारी बनकर छिपा था तस्कर

थानाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान सिधमुख पुलिस को मंदिर में छिपे इस शातिर आरोपी के बारे में पुख्ता जानकारी मिली।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी कुलदीप सिंह उर्फ राजगिरी (36 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हरियाणा के जिला फतेहाबाद, थाना भट्टू कलां के शेखपुर दड़ौली का रहने वाला है और उसके पिता का नाम हनुमान नाई है। आरोपी लंबे समय से साधु के वस्त्र पहनकर मंदिर में पुजारी के रूप में रहकर पुलिस की नजरों से बच रहा था।

हरियाणा निर्मित 12 कार्टन देसी शराब बरामद

पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान आरोपी के कब्जे से हरियाणा निर्मित 'माल्टा देसी शराब' के 12 कार्टन बरामद किए हैं। आरोपी दूसरे राज्य से अवैध रूप से शराब की खेप लाकर राजस्थान में खपाने की फिराक में था। इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में अवैध शराब का धंधा करने वाले बदमाशों और तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है।

आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज

प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई के तहत आरोपी कुलदीप सिंह के खिलाफ राजस्थान आबकारी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब गहन अनुसंधान में जुटी है कि यह अवैध शराब कहां से लाई गई थी और इस पूरे अपराध के पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इसमें कोई अन्य अंतरराज्यीय गिरोह या स्थानीय लोग भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस सफल कार्रवाई में थानाधिकारी धर्मेंद्र सिंह, सहायक उपनिरीक्षक ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल रोशनलाल, कांस्टेबल रोहताश, हीरालाल, जयपाल और पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की मुख्य भूमिका रही।

Updated on:
02 Sept 2026 05:28 pm
Published on:
02 Sept 2026 05:28 pm