Churu News: सादुलपुर में नशे का बढ़ता प्रकोप चिंता का विषय बन गया है। अफीम, गांजा और जहरीले इंजेक्शन खुलेआम बिक रहे हैं, जिससे युवा पीढ़ी का भविष्य खतरे में है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
Churu News: आज जिस युवा पीढ़ी के कंधों पर देश का भविष्य टिका है, वही आज नशे की दलदल में फंसती नजर आ रही है। शहर के प्रमुख नागरिकों और जागरूक लोगों का कहना है कि अफीम, गांजा, शराब और जहरीले इंजेक्शन जैसे नशों का खुला कारोबार पूरे शहर को अपनी चपेट में ले चुका है। माता मंडी, महाराणा प्रताप चौक के पास स्थित खेल मैदान, अंबेडकर सर्किल सहित कई वार्डों के सार्वजनिक स्थान, जो कभी युवाओं के विकास और प्रेरणा के केंद्र थे, अब धीरे-धीरे नशे के अड्डों में बदलते जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, महाराणा प्रताप चौक के खेल मैदान में जहरीले इंजेक्शन बिखरे पड़े हैं, जिनका उपयोग युवा नशा करने के लिए कर रहे हैं। इसके अलावा भांग की गोलियां, नशीली दवाओं के खाली रैपर और बीस रुपए के नोट में छुपाकर पी जाने वाले जहरीले पदार्थ भी वहां देखे गए हैं।
लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही, तो पूरा शहर नशे की गिरफ्त में आ जाएगा और युवाओं का भविष्य बर्बाद हो सकता है। खबर में नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि नशीली दवाओं और इंजेक्शनों की बिक्री खुलेआम हो रही है। गली-मोहल्लों में अवैध शराब भी आसानी से मिल रही है। बेरोजगारी, गलत संगति, परिवार की अनदेखी, नशे की आसान उपलब्धता और सोशल मीडिया पर नशे को बढ़ावा मिलना इसके मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
जागरूक नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन और समाज ने अब भी इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले समय में यह नशा पूरे समाज को खोखला कर देगा। उन्होंने पुलिस से नशे के खिलाफ गश्त बढ़ाने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही युवाओं के लिए खेल और रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा स्कूल-कॉलेज स्तर पर नशा विरोधी अभियान चलाने की जरूरत बताई है।
सादुलपुर थाना अधिकारी राजेश सिहाग ने बताया कि नशे के खिलाफ संभावित स्थानों पर समय-समय पर पुलिस रेड कर रही है। इसके साथ ही प्रभावी गश्त शुरू की गई है और पुराने व जर्जर मकानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और आम लोगों की सतर्कता से ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।