Indian Railway News: डोकवा से सादुलपुर तक नव दोहरीकृत रेलखंड पर निरीक्षण और स्पीड ट्रायल सफल रहने के बाद ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।
चूरू। बीकानेर रेल मंडल के अंतर्गत डोकवा से सादुलपुर तक नव दोहरीकृत रेलखंड का मंगलवार को रेल संरक्षा आयुक्त (पश्चिमी परिमंडल) ई. श्रीनिवास ने व्यापक निरीक्षण किया। यात्री परिवहन शुरू करने से पहले किए गए इस अहम निरीक्षण में ट्रैक की गुणवत्ता और संरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान रेल संरक्षा आयुक्त ने मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल के साथ स्वचालित मोटर ट्रॉली के जरिए पूरे रेलखंड का सूक्ष्म अवलोकन किया।
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निरीक्षण के दौरान ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग सिस्टम, दूरसंचार व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तंत्र और अन्य तकनीकी पहलुओं की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न बिंदुओं पर रुककर व्यवस्थाओं का परीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यात्री सेवाएं शुरू होने से पहले सभी मानक पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित हों।
निरीक्षण के बाद सादुलपुर से दूधवा खारा के बीच विशेष यान से स्पीड ट्रायल किया गया। इस परीक्षण के दौरान ट्रेन ने 121 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार हासिल की, जो इस रेलखंड के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। सफल स्पीड ट्रायल के बाद इस मार्ग पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से ट्रेनों के संचालन की अनुमति दे दी गई है। इससे रेल संचालन में गति और दक्षता दोनों बढ़ने की उम्मीद है।
यह रेलखंड पहले आंशिक रूप से ही दोहरीकृत था। रतनगढ़ से दूधवा खारा तक लगभग 71 किलोमीटर रेलमार्ग पहले से दोहरीकृत था, जबकि अब दूधवा खारा से सादुलपुर तक करीब 29 किलोमीटर का नया दोहरीकरण जुड़ने से पूरा मार्ग और अधिक सुगम तथा प्रभावी हो गया है। इससे ट्रेनों की आवाजाही में सुधार होगा और देरी की समस्या में भी कमी आएगी।
मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने से ट्रेनों की गति में वृद्धि के साथ-साथ ट्रैफिक हैंडलिंग क्षमता में भी बड़ा सुधार होगा। यात्रियों को अधिक सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा, वहीं मालगाड़ियों के संचालन में भी सुगमता आएगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
इस मौके पर वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अजय सिंह सेंगर, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक जयप्रकाश, वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर रण सिंह गोदारा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (दक्षिण) अमन अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (टीआरडी) जितेंद्र कटारिया सहित रेलवे के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। यह निरीक्षण रेल सेवाओं को और अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।