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गौतम गंभीर के ‘चहेते’ आयुष बडोनी का बड़ा खुलासा, पहली बार टीम इंडिया में चुने जाने पर कही ये बात

Ayush Badoni revealed on maiden india call up: आयुष बडोनी ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में बेहद ही साधारण प्रदर्शन किया था, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली के इस क्रिकेटर को भारतीय टीम में शामिल किया गया। उनके चुने जाने पर उन्‍हें गौतम गंभीर का चहेता बताते हुए काफी आलोचना भी हुई। लेकिन, बडोनी को ऐसा नहीं लगता।

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Jan 18, 2026
आयुष बडोनी। (फोटो सोर्स: cricbuzz)

Ayush Badoni revealed on maiden india call up: विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में साधारण प्रदर्शन के बाद भी दिल्ली के क्रिकेटर आयुष बडोनी को भारतीय टीम में शामिल किए जाने के बाद काफी सवाल उठाए गए। कुछ लोगों ने उन्‍हें गौतम गंभीर का चहेता बताते हुए भी उनके चयन की आलोचना की। लेकिन, बडोनी को ऐसा नहीं लगता। उन्‍होंने बताया कि कुछ साल पहले बॉलिंग शुरू करना उनके करियर में एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जिससे उन्हें ऑलराउंडर बनने और पहली बार इंडिया टीम में जगह बनाने में मदद मिली। 26 साल के इस खिलाड़ी को न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी तीन मैचों की सीरीज के लिए वनडे टीम में तब शामिल किया गया, जब चोट के कारण वाशिंगटन सुंदर बाहर हो गए।

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तीसरे वनडे में डेब्‍यू की उम्‍मीद

फिलहाल सीरीज 1-1 से बराबर है और निर्णायक मैच आज रविवार को इंदौर में खेला जाएगा। हालांकि बडोनी दूसरे वनडे की प्लेइंग इलेवन में नहीं थे, जिसे भारत हार गया था, लेकिन उन्हें उम्मीद होगी कि उन्हें मौका मिलेगा। खासकर अपने हालिया फॉर्म को देखते हुए, ताकि वह इंटरनेशनल लेवल पर अपनी छाप छोड़ सकें।

बीसीसीआई ने शेयर किया ये वीडियो

bcci.tv पर शेयर किए गए एक वीडियो में बडोनी ने कहा कि मैं दिल्ली टीम के साथ था, मैं वहां कप्तान था और अगले दिन हमारा मैच विदर्भ के खिलाफ क्वार्टर फाइनल था। तभी मुझे इसके बारे में पता चला। प्रियांश मेरा रूममेट था तो मैंने उसे बताया कि ऐसा हो सकता है और मैं जा रहा हूं तो शायद तुम कप्तान बनोगे। वह बहुत अच्छा एहसास था और मैं बहुत आभारी और खुश हूं कि मुझे यह मौका मिला।

'मुझे देर रात कॉल आया था'

परिवार और करीबी दोस्तों को कॉल-अप के बारे में कैसे पता चला? इस बारे में बडोनी ने कहा कि मुझे देर रात कॉल आया था, इसलिए मैं उन्हें बता नहीं पाया। सुबह इसकी घोषणा हुई, तभी उन्हें पता चला और वे भी बहुत खुश और गर्व महसूस कर रहे थे। सभी कोच और खिलाड़ियों ने मेरा बहुत अच्छे से स्वागत किया और मुझे यह बहुत अच्छा लगा। मैं उनमें से ज्यादातर के साथ और उनके खिलाफ खेल चुका हूं, इसलिए सबसे दोबारा मिलकर अच्छा लगा।

'मुझे ऑलराउंडर होने का फायदा मिला'

बडोनी ने अपने चयन पर कहा कि तैयारी बहुत साफ थी। पहले, मैं बल्लेबाजी करता था, लेकिन पिछले दो सालों से मैं अपनी गेंदबाजी पर बहुत ध्यान दे रहा हूं। मुझे हमेशा लगता है कि मैं विकेट ले सकता हूं और अपनी गेंदबाजी से टीम में योगदान दे सकता हूं। इसलिए मुझे ऑलराउंडर होने का फायदा मिला। सीनियर खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने के बारे में सोचते हुए बडोनी ने कहा कि वह पहले भी उनमें से कई के साथ डोमेस्टिक और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खेल चुके हैं और उनके अनुभव से जितना हो सके सीखने की कोशिश करते हैं।

'मैं हर्षित को जानता हूं'

उन्‍होंने आगे कहा कि हमारी टीम में बहुत से सीनियर खिलाड़ी एक तरह से लेजेंड हैं, इसलिए जब मैं बैटिंग या बॉलिंग करता हूं तो उनसे सीखने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है कि इससे मेरा गेम बेहतर होता है और मैं जितना हो सके सीखने की कोशिश करता हूं। ऐसे बहुत से खिलाड़ी हैं, जिनके साथ मैं मज़े करता हूं और अच्छा समय बिताता हूं। मैं हर्षित को जानता हूं, क्योंकि वह दिल्ली के लिए खेलता है। मुझे अर्शदीप और श्रेयस के साथ भी बहुत मज़ा आता है।

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