अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटता है, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड की एंट्री होगी। यह स्कॉटलैंड के लिए अच्छी खबर होगी, क्योंकि उसे वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिल जाएगा।
गुरुवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपनी सरकार के साथ बैठक के बाद यह साफ कर दिया है कि बांग्लादेश की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने के लिए भारत नहीं जाएगी। इस फैसले के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या बिना बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन होगा, और अगर बांग्लादेश इस टूर्नामेंट का बहिष्कार करता है तो उसे क्या नुकसान होगा। इसके अलावा आईसीसी और दूसरी टीमों पर इसका क्या असर पड़ेगा, आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
अगर बांग्लादेश की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार करती है, तो सबसे पहला और बड़ा नुकसान आर्थिक होगा। टी20 वर्ल्ड कप खेलने के बदले आईसीसी की ओर से जो राशि मिलती है, वह बांग्लादेश को नहीं मिलेगी। इसके साथ ही आईसीसी की रेवेन्यू शेयरिंग से मिलने वाली कमाई भी बंद हो जाएगी। इतना ही नहीं, स्पॉन्सरशिप और ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू पर भी सीधा असर पड़ेगा। खिलाड़ियों की मैच फीस कम हो जाएगी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की कुल कमाई में भारी गिरावट आएगी।
टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर नहीं खेलने से बांग्लादेशी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाएगी। उनकी आईसीसी रैंकिंग, अनुभव और वैश्विक पहचान तीनों प्रभावित होंगी। खासतौर पर युवा खिलाड़ियों के लिए यह फैसला बड़ा झटका साबित हो सकता है। अगर खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान नहीं मिलती है, तो न सिर्फ उनके लिए बांग्लादेश टीम में बने रहना मुश्किल होगा, बल्कि दुनिया भर में चल रही टी20 लीग्स में खेलने के मौके भी कम हो जाएंगे। इससे सीधा नुकसान बांग्लादेश क्रिकेट को ही होगा।
आईसीसी के नजरिए से देखा जाए तो किसी फुल मेंबर टीम का टी20 वर्ल्ड कप से हटना एक नेगेटिव मैसेज देगा। इससे टूर्नामेंट की टीमों की संख्या कम होगी और आईसीसी की छवि पर भी असर पड़ सकता है। यह सवाल भी उठेगा कि आईसीसी अपने सदस्य देशों को साथ रखने में कितनी सफल है।
अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटता है, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड की एंट्री होगी। यह स्कॉटलैंड के लिए अच्छी खबर होगी, क्योंकि उसे वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिल जाएगा। वहीं ग्रुप C में मौजूद इंग्लैंड और वेस्टइंडीज को भी इसका फायदा मिलेगा। बांग्लादेश की तुलना में स्कॉटलैंड को कमजोर टीम माना जाता है। ऐसे में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के लिए अगले दौर में पहुंचना आसान हो जाएगा, क्योंकि उन्हें एक कम प्रतिस्पर्धी टीम का सामना करना पड़ेगा।
बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने का सबसे ज्यादा नुकसान खुद बांग्लादेश को ही होगा। इसके साथ ही आईसीसी की छवि पर असर पड़ेगा और ग्रुप मुकाबलों की प्रतिस्पर्धा भी कमजोर होगी, जबकि स्कॉटलैंड, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी टीमों को इसका फायदा मिल सकता है।