
Indian Women's Cricket: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली 6 विकेट की हार ने भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम का टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने का सपना तोड़ दिया। इस करारी हार के बाद टीम इंडिया टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है और अब कप्तान हरमनप्रीत कौर के भविष्य पर बड़े सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच, टीम इंडिया की पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी ने भारतीय विमेंस क्रिकेट को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरे किकेट जगत में हलचल मचा दी है।
डायना एडुल्जी का मानना है कि अब समय आ गया है जब हरमनप्रीत कौर से आगे बढ़कर टी20 क्रिकेट के लिए किसी नए कप्तान को जिम्मेदारी सौंपी जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि विमेंस क्रिकेट में भी अब पुरुषों की तरह 'स्प्लिट कैप्टेंसी' (अलग-अलग कप्तान) का फार्मूला लागू होना चाहिए।
एडुल्जी ने खिलाड़ियों की फिटनेस और खराब फील्डिंग पर चिंता जताते हुए कहा, 'कुछ खिलाड़ी सभी फॉर्मेट खेल सकते हैं, लेकिन सभी नहीं। लगातार हर फॉर्मेट खेलने से लड़कियों की फिटनेस और फील्डिंग पर असर पड़ रहा है। हमें वनडे और टी20 के लिए दो अलग-अलग कप्तान और दो अलग-अलग कोच रखने चाहिए।' उन्होंने 2007 का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उस वक्त एमएस धोनी को अचानक कप्तानी देकर बोर्ड ने बड़ा दांव खेला था, वैसा ही साहसिक फैसला अब विमेंस क्रिकेट के लिए भी लेना होगा।
डायना ने यह भी सुझाव दिया कि बीसीसीआई को टी20 के लिए खास तौर पर स्ट्राइकर्स की पहचान करनी चाहिए और उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ट्रेनिंग देनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने भारतीय स्टार खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलना अनिवार्य करने की मांग की, ताकि देश में झूलन गोस्वामी जैसी तेज गेंदबाजों और बेहतर विकेटकीपरों की कमी को पूरा किया जा सके।
भले ही हरमनप्रीत ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक खेलने की इच्छा जताई हो, लेकिन लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप में मिली नाकामी के बाद अब एडुल्जी के इस बयान ने भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलावों के संकेत दे दिए हैं।