
India Tour of Sri Lanka 2026: भारतीय क्रिकेट टीम को अपनी अगली टेस्ट सीरीज श्रीलंका के खिलाफ खेलनी है, जहां दो मैचों की टेस्ट सीरीज आयोजित की जाएगी। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की रेस के लिहाज से यह सीरीज बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि गौतम गंभीर की कोचिंग में अब तक टीम का टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। सीरीज से पहले एक रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि ड्रेसिंग रूम का माहौल भी बिगड़ने लगा है। कई खिलाड़ियों ने गंभीर के काम करने और कोचिंग देने के तरीकों को लेकर बीसीसीआई (BCCI) के अधिकारियों के सामने आपत्तियां जताई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों का मानना है कि गौतम गंभीर अक्सर हार के बाद खिलाड़ियों पर ही ठीकरा फोड़ देते हैं। वह हार की जिम्मेदारी खुद या टीम मैनेजमेंट पर लेने के बजाय सपोर्ट स्टाफ और नेशनल क्रिकेट एकेडमी (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) को जिम्मेदार ठहराते हैं। हालांकि, अब तक किसी भी खिलाड़ी ने खुले तौर पर बयान नहीं दिया है, लेकिन कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने गंभीर की नीतियों को लेकर बोर्ड के सामने अपनी नाराजगी जताई है।
आपको बता दें कि गौतम गंभीर के मुख्य कोच रहते ही भारतीय टीम को न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में पहली बार शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हारी, तो वह पहली बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने से चूक गई।
गौतम गंभीर की तरह ही जब पूर्व क्रिकेटर मदन लाल टीम इंडिया के हेड कोच थे, तब वे भी हार का ठीकरा खिलाड़ियों पर फोड़ते थे और मीडिया के सामने खुलकर खिलाड़ियों की आलोचना करते थे। उस समय भारतीय टीम में अजय जडेजा, अनिल कुंबले, रॉबिन सिंह और सबा करीम जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल थे।
साल 1997 में श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन से नाराज होकर मदन लाल ने सार्वजनिक रूप से टीम की आलोचना कर दी थी। मदन लाल के इस बयान के बाद खिलाड़ियों ने उनसे बात करना बंद कर दिया था, जिससे ड्रेसिंग रूम का माहौल काफी खराब हो गया था। खिलाड़ियों की बगावत के बाद बीसीसीआई को कड़ा फैसला लेना पड़ा था और मदन लाल को हेड कोच के पद से हटाकर अंशुमन गायकवाड़ को नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया था।