5 Reasons for Defeat India: 2024 में विजय रथ पर सवार होकर वर्ल्ड चैंपियन बनी टीम इंडिया के अभियान को जिम्बाब्वे ने रोक दिया है। जिम्बाब्वे ने पांच टी20 मैचों की सीरीज के पहले ही मुकाबले में भारत को 13 रन से शिकस्त दी है। आइये आपको बताते हैं कि हरारे में भारत की हार के कौन से पांच कारण रहे।
5 Reasons for Defeat India: 2024 में विजय रथ पर सवार होकर वर्ल्ड चैंपियन बनी टीम इंडिया के अभियान को जिम्बाब्वे ने रोक दिया है। जिम्बाब्वे ने पांच टी20 मैचों की सीरीज के पहले ही मुकाबले में भारत को 13 रन से शिकस्त देते हुए आइना दिखाने का काम किया है। हालांकि इस टीम में वर्ल्ड चैंपियन टीम का कोई खिलाड़ी शामिल नहीं था। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 115 रन स्कोर बोर्ड पर टांगे। इसके जवाब में टीम इंडिया 19.5 ओवर में 102 रन पर सिमट गई। आखिर भारतीय टीम से कहां चूक हुई। आइये आपको बताते हैं भारत की हार के 5 बड़े कारण कौन से रहे।
भारत ने जिम्बाब्वे टीम को हल्के में लेते हुए टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। ये फैसला सही साबित हो भी गया था, जब भारत ने जिम्बाब्वे के 16 ओवर में 90 रन पर 9 विकेट चटका दिए थे, लेकिन आखिरी विकेट नहीं ले सके। क्लाइव मदांदे और तेंदाई चतारा के बीच आखिरी विकेट के लिए 25 रन की साझेदारी हुई और स्कोर 115 तक पहुंच गया। भारत की 13 रन से हार में यही सबसे बड़ा अंतर रहा।
भारत के लिए डेब्यू करने वाले अभिषेक शर्मा, रियान पराग और ध्रुव जुरेल तीनों खिलाडि़यों ने काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया। ओपनर अभिषेक शर्मा 4 गेंदों पर खाता नहीं खोल सके तो रियान पराग 3 गेंद पर सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने भी 14 गेंदों पर महज 6 रन बनाए।
शुभमन गिल एक छोर पर टिके हुए थे तो दूसरे छोर से विकेट गिर रहे थे। उन्हें किसी का भी साथ नहीं मिल रहा था। भारत ने 43 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल (31) भी 11वें ओवर में सिकंदर रजा का शिकार बनकर पवेलियन लौट गए।
शुभमन गिल के आउट होने के बाद वॉशिंगटन सुंदर अकेले पड़ गए। हालांकि रवि बिश्नोई ने 9 और आवेश खान ने 16 रन जरूर बनाए, लेकिन वह भी नहीं टिक पाए। भारत ने 84 पर 8 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद सुंदर ने कुछ बड़े शॉट भी खेले और वह भी 34 गेंदों पर 27 रन बनाकर चलते बने।
रजा-चतारा ने जिम्बाब्वे के लिए शानदार गेंदबाजी की। सिकंदर रजा ने जहां 4 ओवर में 25 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए तो वहीं तेंदाई चतारा ने महज 16 रन देकर 3 विकेट चटकाए। इन दोनों का सामना करना भारतीय बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं रहा।