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ओपनिंग में 6.8 का एवरेज, पाकिस्तान -जिम्बाब्वे से भी खराब है यह आंकड़ा, क्या सैमसन बदलेंगे टीम की किस्मत?

इस टूर्नामेंट में पहले विकेट के लिए भारत का एवरेज महज 6.8 रन है, जो टूर्नामेंट में शामिल 20 टीमों में सबसे कम है। यही आंकड़ा बताता है कि टीम लगभग हर मैच की शुरुआत बैकफुट पर कर रही है।
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Updated: 26 Feb 2026, 12:31 PM IST
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भारतीय ओपनर ईशान किशन और अभिषेक शर्मा। (फोटो सोर्स: IANS)

India vs Zimbabwe, T20 World Cup 2026: भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 का बेहद अहम मुकाबला एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम में गुरुवार को शाम 7 बजे से खेला जाएगा। सेमीफाइनल में पहुंचने की संभावना को जिंदा रखने के लिए भारतीय टीम के लिए इस मैच में बड़ी जीत दर्ज करना जरूरी है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही टीम इंडिया के लिए उनकी सलामी बल्लेबाजी गले की फांस बन गई है।

फ्लॉप चल रही है सलामी जोड़ी

टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से ठीक पहले विस्फोटक विकेट कीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को प्लेइंग 11 से ड्रॉप कर दिया गया। टीम मैनेजमेंट ने दो खब्बू बल्लेबाज ईशान किशन और अभिषेक शर्मा पर भरोसा जताया। लेकिन मॉडर्न टी20 क्रिकेट में दो लेफ्ट-हैंडर ओपनर्स खेलना अक्सर टीम के लिए नुकसानदेह साबित होता है, खासकर जब दोनों बल्लेबाज सिर्फ स्लोगिंग करते हों।

दोनों लेफ्ट हैंड बल्लेबाज होने से विरोधी टीम को फायदा

इस टूर्नामेंट में यही समस्या भारत के साथ सामने आई है। विरोधी टीमों ने रणनीति बनाई कि पावरप्ले से ही राइट-आर्म ऑफ-स्पिनरों को गेंदबाजी सौंपी जाए, क्योंकि लेफ्ट-हैंडर्स के खिलाफ ऑफ-स्पिनर्स अक्सर प्रभावी होते हैं। नतीजा यह हुआ कि इस टूर्नामेंट में पहले विकेट के लिए भारत का एवरेज महज 6.8 रन है, जो टूर्नामेंट में शामिल 20 टीमों में सबसे कम है। यही आंकड़ा बताता है कि टीम लगभग हर मैच की शुरुआत बैकफुट पर कर रही है।

भारत की ओपनिंग साझेदारियां इस वर्ल्ड कप में:

8 (8) vs USA
25 (12) vs नामीबिया
1 (6) vs पाकिस्तान
0 (3) vs नीदरलैंड्स
0 (4) vs दक्षिण अफ्रीका

भारत का बहुत बुरा हाल

चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले में पाकिस्तान और जिम्बाब्वे जैसी टीमें भी भारत से ऊपर हैं। भारतीय टीम का इतना बुरा हाल है कि पांच मैचों में चार बार ओपनिंग जोड़ी दहाई तक भी नहीं पहुंची। दो बार खाता भी नहीं खुला। यह किसी एक मैच की चूक नहीं, बल्कि लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न है। सिर्फ एक बार भारतीय सलामी जोड़ी ने दहाई का आंकड़ा छुआ है और उस मैच में अभिषेक शर्मा की जगह संजू सैमसन ने सलामी बल्लेबाजी की थी।

क्या संजू बदलेंगे टीम की किस्मत

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में संजू सैमसन को फिर से मौका दिया जाना चाहिए। क्योंकि एक राइट-हैंडर बल्लेबाज टॉप ऑर्डर में बैलेंस ला सकता है और विरोधियों की ऑफ-स्पिन रणनीति को बेअसर कर सकता है। संजू स्पिन अच्छे से खेलते हैं, ऐसे में वे इसका फायदा भी उठा सकते हैं।

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26 Feb 2026, 12:31 PM IST
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