क्रिकेट

इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद इरफान पठान ने चयनकर्ताओं पर बोला हमला, पूछा – कहा हैं रियान पराग और रजत पाटीदार?

पठान ने कहा, “भारत को और ज्यादा दाहिने हाथ के बल्लेबाज लाने चाहिए और उन्हें तैयार करना चाहिए। हमारे पास पहले से ही काफी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। अगर टॉप-7 में ज्यादातर बाएं हाथ के बल्लेबाज ही होंगे तो विरोधी टीम के गेंदबाजों को आसानी हो जाती है।”
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Jul 12, 2026
India vs England
जिम्बाब्वे से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगा भारत (Photo - BCCI)

Irfan Pathan, Indian cricket team: भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर बाएं हाथ के बल्लेबाजों से भरा हुआ है। जिसके चलते कोई भी टीम आसानी से भारतीय बैटिंग ऑर्डर को तोड़ने में सफल हो जाती है। ऐसे में पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान ने चिंता जताई है और उन्होंने कहा कि टीम को अब ज्यादा दाहिने हाथ के बल्लेबाजों को मौका देना चाहिए।

पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “भारत को और ज्यादा दाहिने हाथ के बल्लेबाज लाने चाहिए और उन्हें तैयार करना चाहिए। हमारे पास पहले से ही काफी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। अगर टॉप-7 में ज्यादातर बाएं हाथ के बल्लेबाज ही होंगे तो विरोधी टीम के गेंदबाजों को आसानी हो जाती है।” पठान ने सवाल उठाया कि चयनकर्ता रजत पाटीदार और रियान पराग को मौका क्यों नहीं दे रहे हैं।

रजत पाटीदार और रियान पराग को मौका दो

उन्होंने आगे कहा, "मैं आगे चलकर रजत पटिदार को देखना चाहूंगा। दूसरा नाम रियान पराग का है। वो दाहिने हाथ का बल्लेबाज है और गेंद भी फेंक सकता है। अगर वो घरेलू क्रिकेट और ए टीम के मैचों में अच्छा करता है तो उन्हें टीम में लाना चाहिए। वो छठे गेंदबाज के तौर पर दो ओवर दे सकते हैं।”

नए खिलाड़ियों को समय दो

पठान ने वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई नया खिलाड़ी टीम में आता है तो उसे कम से कम 5-6 मैच का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "अभी 5-6 नए खिलाड़ी टीम में हैं तो उन्हें समय देना बहुत जरूरी है। वैभव सूर्यवंशी आगे चलकर अच्छा करेगा, इसमें मुझे कोई शक नहीं। वो सिर्फ 15 साल का है, सीखेगा। भारतीय क्रिकेट को उसके साथ धैर्य रखना होगा।”

माइंडसेट बदलना होगा

इरफान पठान ने घरेलू क्रिकेट पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का माइंडसेट बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “कैंप हो या घरेलू मैच, सब फ्लैट पिच चाहते हैं। कोई पेस का सामना नहीं करना चाहता, सिर्फ रेंज हिटिंग पर फोकस रहता है। स्किल्स पर काम करने की इच्छा ही नहीं दिखती। ये असली कोचों का फीडबैक है। बल्लेबाजों का एटीट्यूड बदलना बहुत जरूरी है।” पठान का कहना है कि कोच और सिलेक्टर्स अपना काम करें, लेकिन खिलाड़ियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

Updated on:
12 Jul 2026 05:01 pm
Published on:
12 Jul 2026 05:01 pm