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क्या फिर अपने होम ग्राउंड तिरुवनंतपुरम में बेंच पर बैठेंगे संजू सैमसन? ईशान किशन की तूफानी पारी के बाद बढ़ा दबाव

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ में टॉप ऑर्डर पर संजू सैमसन की वापसी हुई। लेकिन पहले दो मुकाबलों में वे प्रभावशाली साबित नहीं हुए हैं। रायपुर में शुक्रवार को ईशान किशन की तूफानी पारी के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज़ पर दबाव साफ़ तौर पर बढ़ गया है।
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Jan 24, 2026
Ajinkya Rahane on Sanju Samson
भारतीय विकेटकीपर बल्‍लेबाज संजू सैमसन। (फोटो सोर्स: EspncricInfo)

Sanju Samson Under Pressure, India vs New Zealand T20: एशिया कप 2025 में शुभमन गिल की पैराशूट एंट्री ने विकेट कीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को ओपनिंग स्पॉट से हटा दिया था। जिसके बाद उन्हें प्लेइंग 11 में बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ा था। हालांकि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए चुनी गई टीम में चयनकर्ताओं ने अपनी गलती सुधारी और गिल को बाहर कर सैमसन को फिर से ओपनिंग स्पॉट दे दिया।

संजू सैमसन प्रभावशाली साबित नहीं हुए

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज़ में टॉप ऑर्डर पर संजू सैमसन की वापसी हुई। लेकिन पहले दो मुकाबलों में वे प्रभावशाली साबित नहीं हुए हैं। रायपुर में शुक्रवार को ईशान किशन की तूफानी पारी के बाद विकेटकीपर-बल्लेबाज़ पर दबाव साफ़ तौर पर बढ़ गया है।

ईशान किशन ने मौके को भुनाया

सीरीज़ के पहले मैच में नागपुर में भारत की बड़ी जीत के दौरान संजू सैमसन और ईशान किशन, दोनों ही अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए थे। लेकिन दूसरे मुकाबले में किशन ने जबरदस्त वापसी करते हुए ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेली। करीब दो साल बाद टीम में लौटे किशन ने महज़ 32 गेंदों में 11 चौके और चार छक्के की मदद से 76 रन ठोके।

संजू को अपने घरेलू मैदान तिरुवनंतपुरम में बाहर बैठना पड़ेगा

दूसरी ओर, संजू एक बार फिर मौके को भुनाने में नाकाम रहे और सर्कल के किनारे एक गलत टाइमिंग वाले स्लॉग पर कैच थमा बैठे। दो पारियों में संजू सैमसन के बल्ले से केवल 16 रन निकले हैं। पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा का मानना है कि सीरीज़ में अब सिर्फ तीन मैच बचे हैं और ऐसे में संजू पर दबाव काफी बढ़ गया है। इसके अलावा, चोट से उबर रहे तिलक वर्मा के आखिरी दो टी20 में लौटने की संभावना भी है। ऐसे में संजू को अपने घरेलू मैदान तिरुवनंतपुरम में खेले जाने वाले आखिरी मुक़ाबले में बेंच पर बैठना पड़ सकता है।

संजू पर बढ़ रहा दवाब

आकाश चोपड़ा ने कहा, "कमबैक डेब्यू से ज़्यादा मुश्किल होता है। पहले मैच में जल्दी आउट होने के बाद बहुत कम खिलाड़ी दूसरे मैच में उसी आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ उतर पाते हैं, जैसा ईशान ने किया। उन्होंने अपनी दावेदारी को कोई नुकसान नहीं होने दिया है। अब संजू पर दबाव है। अगर वह रन बनाते हैं तो टीम में बने रहेंगे, नहीं तो विशाखापत्तनम और तिरुवनंतपुरम में ईशान किशन ही खेलते नज़र आएंगे।"

आकाश चोपड़ा ने ईशान की तारीफ की

चोपड़ा ने ईशान की फॉर्म की जमकर तारीफ़ की और कहा कि उनकी वापसी में किस्मत की भी खास भूमिका रही। करीब दो साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर रहने के बावजूद ईशान ने झारखंड को पहली बार सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।

चोपड़ा ने कहा, "जब आप रन बनाते हैं, तो टीम इंडिया की योजना बदलती है। उपकप्तान को बाहर किया जाता है, एक विकेटकीपर ओपनिंग के लिए आता है। फिर एक टॉप-ऑर्डर बाएं हाथ का बल्लेबाज़ शुरुआती तीन मैचों के लिए चोटिल हो जाता है और इसी बीच संजू भी असफल रहते हैं। यह ऐसी स्क्रिप्ट नहीं है, जो आप खुद लिखते हैं। कोई और है, जो यह कहानी लिख रहा है।"

Updated on:
24 Jan 2026 10:04 am
Published on:
24 Jan 2026 10:04 am