
Manav Suthar on PoTM award: मानव सुथार ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच की पहली पारी में 6 विकेट लेने के साथ मुकाबले में कुल 7 विकेट हासिल किए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए राजस्थान के इस युवा स्पिन ऑलराउंडर को प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। न्यू चंडीगढ़ के पीसीए स्टेडियम में खेले गए एकमात्र टेस्ट में भारत ने अपनी पहली पारी 564/8 के स्कोर पर घोषित की। इसके जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी महज 152 रन पर सिमट गई। टीम इंडिया ने मेहमानों को फॉलोऑन दिया, जिसके बाद दूसरी पारी में अफगानी टीम 112 रन पर सिमट कर रह गई।
प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब पाकर मानव सुथार ने कहा कि यह एक अनोखी फीलिंग है। ये दुनिया की सबसे अच्छी फीलिंग है। इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि टेस्ट क्रिकेट आसान नहीं है। भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने पर उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बेहद अवास्तविक एहसास था। शुरुआत से ही मेरा सपना भारत के लिए खेलना था। मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता था। इसलिए यह पल मेरे लिए अविश्वसनीय था और सच कहूं तो अभी भी यकीन नहीं हो रहा है।
अपने डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में मानव ने 41 गेंदों का सामना करते हुए 2 छक्कों और इतने ही चौकों के साथ 28 रन भी बनाए। सुथार से पूछा गया कि क्या गेंदबाजी से पहले बल्लेबाजी करने से घबराहट कम हुई? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं, जब मैं बल्लेबाजी करने उतरा, तब भी काफी असहज महसूस कर रहा था। कुछ गेंदें खेलने के बाद मुझे लगा कि विकेट स्पिनर्स के लिए थोड़ी मददगार है। फिर जब मैं गेंदबाजी करने आया और पहला ओवर डाला, तब भी मुझे वही महसूस हुआ। इसके बाद मेरा पूरा ध्यान सही लाइन, लेंथ और गति बनाए रखने पर था।
करियर के शुरुआती ओवरों में गेंदबाजी को लेकर मानव ने कहा कि शुरुआत में मेरा फोकस विकेट को समझने पर था। इसलिए मैं अपनी स्टॉक डिलीवरी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहता था। जब मुझे समझ आया कि विकेट थोड़ा धीमा है और गति में बदलाव की जरूरत है, तब मैंने वैसी रणनीति अपनाई, लेकिन विचार यही था कि मेरी स्टॉक बॉल जितनी प्रभावी हो सके, उतनी हो। दूसरी नई गेंद मिलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात थी। उस जिम्मेदारी के लिए मुझ पर भरोसा किया जाना काफी मायने रखता है।
सुथार ने इस मैच से मिली सीख के बारे में कहा कि सबसे बड़ा सबक यह है कि निरंतरता ही सब कुछ है। आपको बार-बार एक ही क्षेत्र में गेंदबाजी करनी होती है। मेरे हिसाब से टेस्ट क्रिकेट में यही सबसे महत्वपूर्ण बात है। यह ऐसा फॉर्मेट है, जो बहुत धैर्य की मांग करता है। मैंने यही सीखा है कि धैर्य बनाए रखो, अपनी योजनाओं पर टिके रहो और लगातार सही एरिया में गेंदबाजी करते रहो।