
Manav Suthar Test Debut: भारतीय क्रिकेट टीम को स्पिन गेंदबाजी में एक नया सितारा मिल गया है। न्यू मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में 23 साल के स्पिनर मानव सुथार ने कमाल कर दिया। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही 33 रन देकर 6 विकेट चटकाए और भारत की जीत के हीरो बने। उनके इस शानदार प्रदर्शन के बाद हर कोई कह रहा है, 'इसके हाथ से जब गेंद निकलती है, तो उसमें जादू होता है।' यहां तक कि टीम के खिलाड़ी, कोच और कप्तान शुभमन गिल भी उनके हुनर के कायल हैं।
मानव सुथार टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू पर 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने वाले भारत के 10वें गेंदबाज बन गए हैं। राजस्थान के रहने वाले मानव की इस कामयाबी के पीछे उनका संघर्ष और एक अनोखी सोच है। उनके बचपन के कोच अंशु जैन बताते हैं कि जब मानव छोटे थे, तभी उन्होंने कह दिया था कि उनका असली लक्ष्य आईपीएल (IPL) खेलना नहीं, बल्कि भारत के लिए टेस्ट मैच खेलना है।
सूत्रों के मुताबिक, सिलेक्टर्स मानव सुथार के टैलेंट से इतने प्रभावित थे कि उन्हें पिछले साल ही वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू कराने की तैयारी थी। टीम मैनेजमेंट उन्हें अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा की जगह खिलाना चाहता था, लेकिन जडेजा ने इंग्लैंड में शानदार बल्लेबाजी कर टीम में अपनी जगह बचा ली। मानव की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह फ्लैट पिच (सपाट पिच) पर भी अपनी सटीक लेंथ और गेंद की रफ्तार में बदलाव करके विकेट निकालना जानते हैं।
मानव की इस अचूक गेंदबाजी का सीक्रेट स्पॉट बॉलिंग (एक ही जगह पर लगातार गेंद फेंकना) है। मानव के पिता जगदीश सुथार, जो खुद एक स्कूल में पीटी टीचर हैं, उन्होंने बचपन में मानव को सलाह दी थी कि अगर एक अच्छा स्पिनर बनना है, तो सुबह से शाम तक बस एक ही जगह पर गेंद डालने का अभ्यास करो। मानव ने ऐसा ही किया। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में भी उन्होंने 132 गेंदों में से 55% गेंदें बिल्कुल सही लेंथ पर डालीं, जिससे बल्लेबाज बेबस नजर आए।
घरेलू क्रिकेट में एक साल में 90 विकेट लेने के बावजूद जब मानव को किसी आईपीएल टीम ने नहीं खरीदा, तो वह निराश हो गए थे। लेकिन साल 2024 में गुजरात टाइटंस (GT) ने उन्हें नेट बॉलर के रूप में अपनी टीम में शामिल किया था। हालांकि उन्हें टीम में मौके कम मिले थे। इस साल गुजरात ने उन्हें 4 मैचों में मौका दिया, जबकि 2024 में एक वो सिर्फ एक ही मैच खेल पाए थे। कप्तान शुभमन गिल ने उनके टैलेंट को पहचान कर उन्हें भारतीय टीम के लिए तैयार रहने को कहा था।