
MCC on Muneeba Ali Controversial Run Out: आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली के रन आउट को लेकर काफी हो हल्ला हुआ। मैच के दौरान पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने भी इस फैसले पर विरोध जताया था और कहा था कि मुनीबा अली ने कोई रन लेने का प्रयास नहीं किया था, उनका बल्ला पहले से ही क्रीज में था। इसके बावजूद थर्ड अंपायर ने मुनीबा को रन आउट करार दिया। अब इस मामले MCC की ओर से बयान जारी कर नियम बताया गया है और साफ कहा है कि थर्ड अंपायर का फैसला पूरी तरह से नियमानुसार था।
दरअसल, ये घटना भारत और पाकिस्तान के बीच महिला वनडे वर्ल्ड कप मुकाबले में रविवार को घटी, जिसे भारत ने 88 रन से जीता था। भारत के 248 रन के लक्ष्य का पीछा करते समय पाकिस्तान की पारी के चौथे ओवर की अंतिम गेंद पर मुनीबा अली के लिए एलबीडब्ल्यू की अपील हुई, जिसे अंपायर ने खारिज कर दिया। लेकिन, उसी दौरान जैसे ही मुनीबा क्रीज से बाहर आईं तो दीप्ति शर्मा ने सीधे स्टंप्स पर थ्रो कर दिया। मुनीबा का बल्ला पहले क्रीज में था, लेकिन जैसे ही गेंद लगी तो उनका बल्ला हवा में था। इस पर थर्ड अंपायर केरिन क्लासटे ने रन आउट करार दिया।
थर्ड अंपायर के इस फैसले पर पाकिस्तान टीम की कप्तान फातिमा सना खान ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मुनीबा ने कोई रन लेने का प्रयास नहीं किया। उनका बल्ला तो पहले से क्रीज में था। हालांकि अब एमसीसी ने थर्ड अंपायर के फैसले को सही बताते हुए कहा कि ये फैसला पूरी तरह से क्रिकेट के नियमों के तहत दिया गया था। किसी तरह की कोई गलती नहीं हुई है।
नियम 30.1.2 का हवाला देते हुए एमसीसी ने बताया कि इस नियम के तहत कोई बल्लेबाज अगर क्रीज की तरफ दौड़ते या फिर डाइव करते समय क्रीज से आगे बल्ला या शरीर का कोई हिस्सा मैदान पर रख देता है और फिर संपर्क खो देता है तो वह आउट नहीं होता। हालांकि ये नियम सिर्फ उन बल्लेबाजों पर लागू होता है, जो दौड़ते या डाइव कर रहे हों। मुनीबा अली न तो दौड़ रही थीं और न डाइव कर रही थीं। उन्होंने क्रीज के बाहर से गार्ड लिया और उनके पैर कभी क्रीज में नहीं आए।
एमसीसी ने कहा कि मुनीबा का बल्ला संक्षिप्त समय के लिए क्रीज के भीतर था, लेकिन जब बॉल विकेटों से टकराई, तब उनका बल्ला हवा में ही था। वह न तो दौड़ रही थीं और न डाइव कर रही थीं। ऐसे में उन्हें ‘बाउंसिंग बैट’ नियम का फायदा भी नहीं मिला। एमसीसी ने कहा कि थर्ड अंपायर ने सही नियमों के तहत ही उन्हें रन आउट करार दिया।