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शैफाली, दीप्ति या मंधाना नहीं, अश्विन बोले- इस गेंदबाज के कारण भारत ने जीता विश्व कप

R Ashwin on Sri Charani: भारत के विश्‍व कप जीतने हर कोई भारतीय महिला टीम की तारीफ कर रहा है। इसी बीच आर अश्विन ने बड़ा बयान देते हुए श्री चरणी को खिताब जीतने का सबसे बड़ा कारण बताया है और उनकी जमकर तारीफ की है।

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Nov 04, 2025
पूर्व भारतीय स्पिन ऑलराउंडर आर अश्विन। (फोटो: ANI)

R Ashwin on Sri Charani: पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में भारत की युवा बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी के शानदार प्रदर्शन की जमकर तारीफ की है। 39 वर्षीय इस अनुभवी खिलाड़ी का मानना ​​है कि इस युवा खिलाड़ी में भविष्य की सुपरस्टार बनने के सभी गुण मौजूद हैं। उन्होंने इस साल अप्रैल में भारत के लिए डेब्यू करने के बाद से उनकी सफलता के पीछे की तकनीकी प्रतिभा का विश्लेषण किया। इसके साथ ही विश्‍व कप में इस 21 वर्षीय युवा स्पिनर को भारत की जीत कारण भी बताया।

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श्री चरणी ने विश्‍व कप में चटकाए 14 विकेट

श्री चरणी ने अपने पहले वनडे विश्व कप अभियान का अंत 9 मैचों में 27.64 की औसत से 14 विकेट लेकर किया है। नॉकआउट चरण में उनके शानदार प्रदर्शन भी शामिल हैं। चरणी ने दबाव में भी अपना धैर्य बनाए रखा और सेमीफाइनल में 49 रन देकर 2 और फाइनल में 48 रन देकर 1 विकेट हासिल किया, जिससे भारत को ऐतिहासिक खिताब जीतने में मदद मिली।

वह भारत के विश्व कप जीतने का सबसे बड़ा कारण- अश्विन

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि श्री चरणी ने विश्व कप को बेहद शानदार प्रदर्शन किया। वह भारत के इस विश्व कप जीतने का सबसे बड़ा कारण है। वह भविष्य में एक सुपरस्टार गेंदबाज बनने जा रही है। उनकी गेंद का रोटेशन सही गति से होता है। उसका वजन स्थानांतरण सोफी एक्लेस्टोन, जेस जोनासेन या सोफी मोलिनक्स से मेल खाता है। वह एक सुंदर साइड-ऑन स्थिति में जाती है। वहां से उसका हाथ सामने आता है। कहीं भी कोई पतन नहीं है। कोई ऊर्जा की कमी नहीं है।

'बोए गए बीज पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे'

अश्विन ने भारत की 2025 की जीत और भारतीय क्रिकेट में पिछली ऐतिहासिक जीत के बीच समानताएं भी बताईं। उन्होंने कहा कि कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम की ओर से बोए गए बीज पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे। ठीक उसी तरह जैसे कपिल देव और एमएस धोनी के नेतृत्व में प्रतिष्ठित विश्व कप जीता था।

'हरमनप्रीत कौर ने बहुत सारी निराशाएं देखी होंगी'

उन्‍होंने आगे कहा कि हरमनप्रीत कौर ने बहुत सारी निराशाएं देखी होंगी। उदाहरण के लिए 2017 विश्व कप फाइनल, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को हराया और फाइनल में इंग्लैंड से हार गए। झूलन गोस्वामी भी वहां थीं। हरमनप्रीत ने ऐसी चीजें देखी हैं। उसने हार का सामना किया है। उन्होंने ऐसे हालातों में हार देखी है, जहां विश्व कप जीता जा सकता था। अश्विन ने कहा कि आप शायद उनकी मेहनत के गवाह न हों। उन्होंने जो बीज बोए हैं, 10 या 20 साल बाद हम इस बारे में बात करेंगे। जैसे कपिल देव और धोनी से बात करते हैं।

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