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चोट का बहाना बनाकर IPL से भागे, फिर दूसरी टीम से खेलने उतरे, सैम करन की इस हरकत पर बुरी तरह भड़के कुमार संगकारा

Kumar Sangakkara angry on Sam Curran injury: राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगकारा ने आईपीएल 2026 बीच में छोड़ने वाले सैम करन पर बड़ा आरोप लगाया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मैच के बाद संगकारा ने करन की चोट को लेकर सवाल उठाए।
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May 30, 2026
Kumar Sangakkara on Rumesh Tharanga
कुमार संगकारा (Photo - IANS)

Kumar Sangakkara angry on Sam Curran injury: राजस्थान रॉयल्स (RR) के हेड कोच कुमार संगकारा ने इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर सैम करन पर एक बहुत बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है। संगकारा ने सैम करन के आईपीएल 2026 से अचानक नाम वापस लेने पर सवाल उठाए हैं और बीसीसीआई (BCCI) से मांग की है कि विदेशी खिलाड़ियों के लिए नियमों को और सख्त किया जाए, ताकि वे अपने कॉन्ट्रैक्ट का सम्मान करें।

चोट का नाटक या कुछ और?

दरअसल, सैम करन ने आईपीएल सीजन के बीच में यह कहकर अपना नाम वापस ले लिया था कि उन्हें कमर में गंभीर चोट लगी है, जिसकी वजह से वह पूरे सीजन में नहीं खेल पाएंगे। राजस्थान रॉयल्स ने उनकी बात मानकर श्रीलंकाई खिलाड़ी दासुन शनाका को टीम में शामिल कर लिया। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब आईपीएल छोड़कर गए सैम करन इंग्लैंड लौटते ही सरे (Surrey) काउंटी टीम के लिए टी20 ब्लास्ट में एक के बाद एक लगातार तीन मैच खेलने मैदान पर उतर गए।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में क्वालिफायर 2 में गुजरात टाइटंस से मिली हार के बाद कुमार संगकारा का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने गुस्से में कहा, 'हमें बताया गया था कि सैम करन को ऐसी चोट लगी है कि वह पूरा सीजन नहीं खेल पाएंगे। लेकिन अब मैं देख रहा हूं कि वह सरे (Surrey) के लिए दो-तीन मैच खेल चुके हैं। यह बेहद निराशाजनक है। हम चाहते थे कि वह हमारे लिए खेलें।'

फ्रेंचाइजी मालिक भी हैं परेशान

सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पंजाब किंग्स के को-ओनर मोहित बर्मन ने भी बीसीसीआई और विदेशी बोर्ड्स के बीच बेहतर तालमेल की मांग की है ताकि ऐन वक्त पर खिलाड़ी टीम का साथ न छोड़ें। फिलहाल बीसीसीआई के नियम के मुताबिक, जो विदेशी खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद बिना किसी ठोस वजह के हटते हैं, उन पर 2 साल का बैन लगाया जाता है।

संगकारा ने कहा कि एडम मिल्ने, शिमरॉन हेटमायर और क्वेना मफाका जैसे खिलाड़ी टीम में मौका न मिलने पर भी अंत तक साथ रहे, पानी तक पिलाया और मेहनत की। खिलाड़ियों को अपने कॉन्ट्रैक्ट को गंभीरता से लेना चाहिए और बीसीसीआई को अपने सख्त नियमों को आगे भी इसी तरह जारी रखना चाहिए।