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खिलाड़ियों के स्मार्ट चश्मे पर BCCI ने लगाया बैन, फिक्सिंग और भ्रष्टाचार रोकने के लिए उठाया बड़ा कदम

BCCI bans smart glasses: IPL 2026 में फिक्सिंग और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए BCCI ने एक अनोखा और कड़ा फैसला लिया है। अब खिलाड़ी मैदान पर हाई-टेक स्मार्ट चश्मा नहीं पहन पाएंगे। जानिए क्या है पूरा मामला।
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भारत

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Anshika Verma

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Updated: 29 May 2026, 4:05 PM IST

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BCCI ने खिलाड़ियों के स्मार्ट चश्मे पर लगाया बैन (Photo - Screengrab)

BCCI bans smart glasses: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के बीच बीसीसीआई (BCCI) की एंटी-करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) ने भ्रष्टाचार और फिक्सिंग के खतरों को रोकने के लिए एक बेहद चौंकाने वाला और कड़ा फैसला लिया है। बीसीसीआई ने आईपीएल मैचों के दौरान खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और अंपायरों के 'स्मार्ट गॉगल्स' या 'स्मार्ट चश्मा' (Smart Glasses) पहनने और उन्हें प्रतिबंधित एरिया में ले जाने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। बोर्ड ने नोटिस किया था कि आजकल ऐसे हाई-टेक चश्मों का इस्तेमाल और प्रमोशन बहुत बढ़ गया है, जिससे लाइव स्ट्रीमिंग और मैसेजिंग की जा सकती है।

अब कम्युनिकेशन डिवाइस माना जाएगा यह चश्मा

बीसीसीआई ने सभी आईपीएल फ्रेंचाइजी को एक एडवाइजरी जारी कर साफ कर दिया है कि ये चश्मे अब साधारण चश्मे नहीं रहे। इनमें मोबाइल डेटा या वाई-फाई के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग करने, टेक्स्ट मैसेज भेजने-पाने और ऑडियो-वीडियो कॉलिंग करने जैसे एडवांस फीचर्स होते हैं।

आईपीएल के पीएमओए (Players and Match Officials Area) के नियमों के मुताबिक, इन स्मार्ट ग्लासेस को अब ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस और कम्युनिकेशन डिवाइस की केटेगरी में डाल दिया गया है। नियम के तहत मैच के दिन खिलाड़ियों और स्टाफ को अपने मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच के साथ-साथ इन स्मार्ट चश्मों को भी सिक्योरिटी लायसन ऑफिसर (SLO) के पास जमा करना होगा। अगर कोई ऐसा नहीं करता है, तो उस पर भारी जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कैसे काम करता है यह स्मार्ट चश्मा?

यह चश्मा आंखों पर पहने जाने वाले एक मिनी स्मार्टफोन की तरह काम करता है। इसमें बिना किसी को पता चले उंगली छुए बिना सिर्फ आवाज (Voice Command) से मैसेज भेजे जा सकते हैं। इसके छोटे ओपन-ईयर स्पीकर्स से फोन पर निजी तौर पर बात की जा सकती है और सीक्रेट तरीके से वीडियो भी रिकॉर्ड की जा सकती है। इसी वजह से बीसीसीआई को डर है कि इसका गलत इस्तेमाल खिलाड़ियों से संपर्क करने या अंदर की जानकारी बाहर भेजने के लिए हो सकता है।

इस सीजन के इन विवादों के बाद सख्त हुआ BCCI

आईपीएल 2026 में अनुशासनहीनता के कई मामले सामने आने के बाद बीसीसीआई ने सुरक्षा को लेकर यह कड़ा रुख अपनाया है। इसी सीजन में राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर रोमी भिंडर को मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। और तो और राजस्थान के कप्तान रियान पराग भी उस वक्त विवादों में आ गए जब उन्हें ड्रेसिंग रूम के अंदर ई-सिगरेट (E-cigarettes) पीते हुए देखा गया। इसके लिए उन पर भारी जुर्माना लगा और एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया।

इन घटनाओं के अलावा हनी-ट्रैप के खतरों और बुकीज के अनधिकृत संपर्क से खिलाड़ियों को बचाने के लिए बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के देर रात बाहर जाने और होटल के कमरों में मेहमानों के आने पर भी सख्त पाबंदियां लगा दी हैं।