Vaibhav Sooryavanshi को राजस्थान रॉयल्स ने 2022-23 में बिहार से खोज लिया था। इसका खुलासा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुद हेड कोच कुमार संगाकारा ने किया है। इसके साथ ही उन्होंने वैभव को आरआर में शामिल करने की पूरी कहानी बयां की है।
Vaibhav Sooryavanshi इस बार आईपीएल में दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की गेंदों पर छक्के जड़कर सुर्खियों में हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के 19वें सीजन की अभी शुरुआत ही हुई है, लेकिन वैभव ने एक बार फिर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बुमराह जैसे गेंदबाज का सामना करने की उनकी काबिलियत, ट्रेंट बोल्ट के खिलाफ उनका रवैया और विरोधी टीम से जरा भी न घबराना, ये सारी बातें तब साफ हो गईं, जब उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ सिर्फ 14 गेंदों में 39 रन ठोक डाले, जिसमें पांच छक्के (2 बुमराह के खिलाफ) शामिल थे।
सूर्यवंशी बनाम बुमराह का मुकाबला देखने के लिए हर कोई बेताब था और इस वंडर बॉय ने पहले ही राउंड में बाजी मार ली। पहली ही गेंद पर छक्का खाने के बाद बुमराह के चेहरे पर जो मुस्कान थी, उसने सब कुछ बयां कर दिया। पहला छक्का कोई तुक्का नहीं था, यह साबित करने के लिए वैभव ने उसी ओवर में एक गेंद को बाउंड्री के पार स्टैंड्स में पहुंचा दिया।
बता दें कि पिछले कुछ महीनों से सूर्यवंशी जबरदस्त फॉर्म में हैं। अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपनी शानदार फॉर्म और बेबाक बल्लेबाजी के सिलसिले को उन्होंने आईपीएल में भी जारी रखा है। पिछले सीजन में मिली पहचान और इस बार शुरुआती तीन मैचों में उनके प्रदर्शन को देखकर राजस्थान रॉयल्स के टैलेंट आइडेंटिफिकेशन कोऑर्डिनेटर' अक्षय करंजे को जरूर गर्व महसूस हुआ होगा, क्योंकि वे करंजे ही थे, जिन्होंने 2022-2023 के बीच राजस्थान रॉयल्स के ग्रुप में यूं ही एक मैसेज भेजा था।
गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच कुमार संगकारा ने खुलासा करते हुए बताया कि मुझे लगता है कि यह 2022 या 23 की बात है, जब हमारे एक एनालिस्ट अक्षय करंजे ने हमें बताया कि आपको पता है, एक बहुत ही शानदार युवा खिलाड़ी है, जिसका नाम वैभव सूर्यवंशी है।
उन्होंने ग्रुप पर एक मैसेज भेजा जिसमें लिखा था कि मैंने इस शानदार युवा खिलाड़ी को देखा है और हमें सच में उस पर नजर डालनी चाहिए। इसके बाद हमने एक और स्काउट को भी भेजा, जिसने जाकर उसे देखा और उन सभी का यही कहना था। हां, हमें उसे अपनी टीम में लेना ही होगा।
इसी तरह हमने वैभव को पहचाना। यह सब उन बदलावों की वजह से हुआ, जो हमने अपने एनालिस्ट और स्काउटिंग के तरीकों में किए थे और हमने इस काम में अपना समय भी लगाया। फिर हमने वैभव को अपने ट्रायल्स के लिए बुलाया। कोई भी वैभव को सिर्फ पांच मिनट देखता, वह समझ जाता है कि यह सिर्फ टैलेंट की बात नहीं है।
श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने यह भी समझाया कि कैसे फ्रेंचाइज़ी ने युवा टैलेंट को खोजने के लिए अपने स्काउटिंग प्रोग्राम में भारी निवेश किया और अपनी रणनीति को अनुभव पर निर्भर रहने से बदलकर युवाओं में निवेश करने की ओर मोड़ दिया।
उन्होंने कहा कि 2022 में हमारे पास युजप थे, अश्विन थे, हेटमायर थे, टॉप पर बटलर थे और टीम की कप्तानी संजू सैमसन कर रहे थे। ऐसे में हमारे पास अनुभव की कोई कमी नहीं थी। इसलिए, हमने अपनी सोच में थोड़ा बदलाव किया। हमने अपने खिलाड़ियों की पूरे साल देखभाल करना भी शुरू कर दिया, जिसका उनके विकास पर सच में बहुत गहरा असर पड़ा।
फिर हमने बेहतर स्काउटिंग और बेहतर डेटा एनालिसिस पर काम करना शुरू किया। हमने काफी बदलाव किए, जिन्होंने सच में हमें एक बेहतर टीम बनने की राह पर आगे बढ़ाया। एक ऐसी टीम जो लगातार अच्छा प्रदर्शन करती है। इसलिए हम हमेशा बेहतरीन युवा खिलाड़ियों पर अपनी नजर बनाए रखते हैं।