नागपुर में बुधवार को भले ही रिंकू ने पांच लगातार छक्के न लगाए हों, लेकिन आख़िरी ओवर में दो छक्कों और दो चौकों ठोककर उन्होंने साफ़ इशारा कर दिया है कि वे भारत के लिए आने वाले दिनों में फिनिशर की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
Rinku Singh, Indian cricket team: नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मुक़ाबले में जैसे ही रिंकू सिंह क्रीज़ पर उतरे और 20वें ओवर में डैरिल मिचेल की पहली ही गेंद को सीधे मैदान के बाहर भेजा, न्यूज़ीलैंड के खेमे में बेचैनी साफ़ दिखने लगी। रिंकू ने अगली गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से छक्का जड़ दिया और देखते ही देखते माहौल ने रिंकू को अप्रैल 2023 में लौटा दिया, जब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में रिंकू ने आखिरी ओवर में पांच छक्के जड़ते हुए कोलकाता नाइट राइडर (KKR) को गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ जीत दिलाई थी।
अहमदाबाद में खेली गई उसी पारी के बाद से फैंस को उनसे एक और ऐसी मैच-फिनिशिंग पारी का इंतज़ार कर रहे थे, जो उन्हें भारत के लिए एक स्थायी फिनिशर के रूप में स्थापित कर सके। आईपीएल 2023 में रिंकू ने 149.52 की स्ट्राइक रेट से 474 रन बनाए थे। ये उनके आईपीएल करियर का सबसे अच्छा सीजन था। लेकिन इसके बाद अगले दो सीज़नों में केकेआर के लिए उन्हें सिर्फ़ 247 गेंदें ही खेलने को मिलीं, औसतन प्रति पारी महज़ आठ गेंदें। इसका असर यह हुआ कि 2024 टी20 विश्व कप टीम में उन्हें केवल रिज़र्व रखा गया और सितंबर 2025 के एशिया कप के बाद से दिसंबर तक वे भारत की टी20 योजनाओं से लगभग बाहर ही रहे।
नागपुर में बुधवार को भले ही रिंकू ने पांच लगातार छक्के न लगाए हों, लेकिन आख़िरी ओवर में दो छक्कों और दो चौकों ठोककर उन्होंने साफ़ इशारा कर दिया है कि वे भारत के लिए आने वाले दिनों में फिनिशर की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब तक बड़े टूर्नामेंटों में यह भूमिका कभी विकेटकीपरों पर तो कभी ऑलराउंडरों पर टिकी रही है।
विश्व कप खिताब बचाने की भारत की तैयारी में रिंकू की उपयोगिता को लंबे समय तक कम करके आंका गया, लेकिन पिछले महीने जब टीम की घोषणा हुई तो चयनकर्ताओं को एक बड़ी कमी साफ़ दिखी। भारत के पास ऐसा बल्लेबाज नहीं था, जो डेथ ओवर्स में तेज़ गेंदबाज़ों के खिलाफ तेजी से रन बना सके। यह जिम्मेदारी हार्दिक पंड्या अकेले नहीं निभा सकते थे, खासकर घरेलू मैदानों पर, जहां पिचें बेहद सपाट मानी जाती हैं। इसी ज़रूरत ने रिंकू की वापसी का रास्ता खोल दिया। कीवियों के खिलाफ नागपुर में उनकी नाबाद 44 रन की पारी ने भारत की टी20 बल्लेबाज़ी को एक नया, आक्रामक आयाम दिया है।
आईपीएल का मंच रिंकू को सालों से इसी भूमिका के लिए तराश रहा था। पिछले तीन सीज़नों में डेथ ओवर्स में रन बनाने के मामले में कोई भी बल्लेबाज़ इस बाएं हाथ के खिलाड़ी से आगे नहीं रहा। आईपीएल 2023 से अबतक आख़िरी चार ओवरों में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में रिंकू केवल टिम डेविड से पीछे हैं। रिंकू ने 414 और डेविड ने 463 रन बनाए हैं। लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में वे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज से आगे हैं। उनका स्ट्राइक रेट 201.95 हा है, वहीं डेविड का स्ट्राइक रेट 197.25 है। रिंकू, टिम डेविड, एमएस धोनी या हेनरिक क्लासेन की तरह विस्फोटक नहीं दिखते, लेकिन डेथ ओवर्स में हर 3.15 गेंदों पर एक बाउंड्री लगाकर वे इन सभी से तेज़ी से रन जुटाते हैं।
28 वर्षीय रिंकू यही आक्रामकता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखा चुके हैं। उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर के कुल रनों में से 51 प्रतिशत डेथ ओवर्स में आए हैं, इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 214.68 का रहा है। दबाव बढ़ने पर उनके आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं। अपने 594 करियर रनों में से 213 रन उन्होंने केवल आख़िरी दो ओवरों में बनाए हैं, जहां उनका स्ट्राइक रेट 287.83 है। यानी टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर के 35.8 प्रतिशत रन उन्होंने 19वें और 20वें ओवर में बनाए हैं। 20वें ओवर में 302.63 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करते हुए, कम से कम 100 रन बनाने वाले फुल मेंबर देशों के सभी बल्लेबाज़ों में वे शीर्ष पर हैं।
न्यूज़ीलैंड के खिलाफ नागपुर में जब रिंकू सातवें नंबर पर उतरे, तब भारतीय पारी में 40 से ज़्यादा गेंदें बाकी थीं। 16वें ओवर तक उन्होंने छह गेंदों में सिर्फ़ पांच रन बनाए थे, लेकिन इसके बाद अगली 14 गेंदों पर 39 रन ठोक दिए, जिनमें सात बाउंड्री शामिल रहीं।
नंबर पांच या उससे नीचे बल्लेबाज़ी करते हुए, जब भी रिंकू ने किसी पारी में कम से कम 15 गेंदें खेली हैं, उन्होंने ग़ज़ब की निरंतरता दिखाई है। ऐसे आठ मौकों में से हर बार उन्होंने 30 से अधिक रन बनाए हैं। इनमें से सात पारियों में उन्होंने 184.88 की स्ट्राइक रेट से कुल 355 रन जोड़े हैं।
संकट में टिककर खेलने और फिर डेथ ओवर्स में तेजी से रन बटोरने की यही दोहरी क्षमता जनवरी 2024 में अफ़ग़ानिस्तान के खिलाफ उनकी सर्वश्रेष्ठ भारतीय पारी में भी नज़र आई थी। पावरप्ले में भारत 22 रन पर चार विकेट गंवा चुका था, लेकिन रिंकू ने रोहित शर्मा के साथ नाबाद 190 रन की साझेदारी कर टीम को डबल सुपर ओवर में जीत दिलाई।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए रिंकू ने अब तक सिर्फ़ पांच पारियां ही खेली हैं, इसलिए टीम इंडिया के विस्फोटक शीर्ष क्रम के बीच विजयी रन लगाना उनके लिए अब भी अपेक्षाकृत नया अनुभव है। 2025 एशिया कप फ़ाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ यह जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। भारत को उम्मीद होगी कि आने वाले कुछ हफ्तों में, लक्ष्य का पीछा करने के दबाव और तूफ़ान के बीच भी, रिंकू सिंह उतने ही निडर, संयमित और निर्णायक साबित होंगे।