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U19 वर्ल्डकप जीतने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने खोला बड़ा राज़, बताया वो प्रोसेस, जिससे बने वर्ल्ड चैंपियन

भारतीय टीम ने शुक्रवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रन से हरा दिया। यह भारतीय टीम का छठा खिताब है, जबकि इंग्लैंड की खिताबी मुकाबले में यह दूसरी हार रही। टीम इंडिया ने इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 411 […]

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Vaibhav Suryavanshi

वैभव सूर्यवंशी (फोटो- BCCI)

भारतीय टीम ने शुक्रवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड को 100 रन से हरा दिया। यह भारतीय टीम का छठा खिताब है, जबकि इंग्लैंड की खिताबी मुकाबले में यह दूसरी हार रही। टीम इंडिया ने इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 411 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 311 रन पर ऑलआउट हो गई और इस तरह भारतीय टीम ने 100 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

सूर्यवंशी बने POTM और POTT

इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की तूफानी पारी खेली, जो वर्ल्ड कप फाइनल इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। उन्होंने 80 गेंदों में 175 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और 15 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। इस पारी की बदौलत उन्हें न सिर्फ मैन ऑफ द मैच चुना गया, बल्कि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी मिला। सूर्यवंशी ने टूर्नामेंट में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए।

टीम इंडिया की यह जीत वर्ल्ड कप फाइनल इतिहास की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के नाम था, जिसने भारत को 79 रन से हराया था। इस खिताबी जीत के बाद वैभव सूर्यवंशी ने उस प्रक्रिया के बारे में बताया, जिसकी वजह से वह आज वर्ल्ड चैंपियन बने हैं।

सूर्यवंशी ने बताई कैसे बने चैंपियन

सूर्यवंशी ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है। सारी तैयारी, सपोर्ट स्टाफ की मेहनत और हमने जितने भी मैच खेले, एशिया कप हो या उससे पहले की सीरीज, सब कुछ हमें इस पल तक लाया है। मैं यह अवॉर्ड पूरे सपोर्ट स्टाफ को डेडिकेट करना चाहता हूं। हमारा असली लक्ष्य प्रेशर को नहीं लेना था। हमने खुद पर विश्वास करने और टूर्नामेंट की शुरुआत से जिस प्रक्रिया को फॉलो किया था, उसी पर भरोसा करने पर ध्यान दिया। हमारी तैयारी एशिया कप और उससे पहले ही शुरू हो गई थी।"

उन्होंने आगे कहा, "पिछले आठ-नौ महीनों से सपोर्ट स्टाफ और टीम एक साथ काम कर रही है, उसी तैयारी ने आज हमें यहां तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है। मैंने जो स्किल सेट डेवलप किया है, उस पर मुझे पूरा भरोसा है। मुझे पता है कि मैं बड़े मैचों में और दबाव में अच्छा प्रदर्शन कर सकता हूं, इसीलिए मैं कॉन्फिडेंट रहा और खुद पर विश्वास बनाए रखा।”

आपको बता दें कि यह भारतीय टीम की छठी वर्ल्ड कप ट्रॉफी है। भारत ने अब तक 11 बार फाइनल में जगह बनाई है, जिसमें से पांच बार उसे हार का सामना भी करना पड़ा है। भारतीय टीम के लिए यह एक साल में दूसरी वर्ल्ड कप जीत है। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम ने भी इतिहास रचते हुए खिताब अपने नाम किया था। अब सबकी नजरें मेंस टी20 वर्ल्ड कप पर टिकी हैं। अगर भारतीय टीम वहां भी चैंपियन बनती है, तो एक साल के भीतर तीसरी वर्ल्ड कप ट्रॉफी भारत के नाम होगी।