Sachin Tendulkar vs Vaibhav Sooryavanshi: क्या राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से भी आगे निकल गए हैं? 15 साल के इस युवा खिलाड़ी ने तबाही मचा कर क्रिकेट का पूरा इतिहास बदल दिया है।
Sachin Tendulkar vs Vaibhav Sooryavanshi Compare: भारतीय क्रिकेट में जब भी कोई नया युवा बल्लेबाज कमाल करता है, तो उसकी तुलना तुरंत भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर से होने लगती है। लेकिन आज कहानी कुछ और है। सवाल यह नहीं है कि क्या 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अगले सचिन हैं, बल्कि सस्पेंस इस बात का है कि क्रिकेट के मायने अब कितने बदल चुके हैं। जहां सचिन के दौर में क्रीज पर टिकना महानता थी, वहीं वैभव के दौर में पहली ही गेंद से तबाही मचाना पहचान बन चुका है।
15 नवंबर 1989 को जब 16 साल के सचिन तेंदुलकर पाकिस्तान के खतरनाक गेंदबाजों के सामने उतरे, तो उनका मकसद सिर्फ जिंदा रहना और क्रीज पर टिकना था। उन्होंने साल 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ 119 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने के लिए 189 गेंदें ली थीं। उस दौर में टेस्ट क्रिकेट और धैर्य ही असली पैमाना हुआ करते थे, जहां स्कूल की किताबें साथ लेकर चलने वाले सचिन ने धीरे-धीरे अपनी बादशाहत बनाई।
इसके ठीक उलट, राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 14 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू करते ही शार्दुल ठाकुर की पहली गेंद पर छक्का जड़ दिया था। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ महज 35 गेंदों में शतक ठोक दिया, जो किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक है। अपनी 101 रनों की पारी में 94 रन तो उन्होंने सिर्फ चौके-छक्कों से बनाए थे।
IPL 2026 के सीजन में वैभव का बल्ला आग उगल रहा है। उन्होंने 14 मैचों में 232 के हैरान करने वाले स्ट्राइक रेट से 583 रन कूट दिए हैं, जिसमें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 37 गेंदों में लगाया गया एक और खूंखार शतक शामिल है।
सचिन का काम टीम को संभालना था, लेकिन वैभव का काम विरोधी टीम की गेंदबाजी को तहस-नहस करना है।
सचिन को खुद को साबित करने के लिए सालों मिले, लेकिन आज के इम्पैक्ट प्लेयर वाले टी20 दौर में वैभव के पास सिर्फ 20 गेंदें होती हैं मैच का पासा पलटने के लिए।