सौरव गांगुली के साथ खेलने वाले सारे खिलाड़ी इस बात को मानते थे कि उनमें सिर्फ गांगुली में ही इतनी काबिलियत है कि वह बोर्ड अध्यक्ष बन सकते हैं।
नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की मानें तो आज से 12 साल पहले टीम इंडिया के तत्कालीन सारे खिलाड़ी इस बात पर एकमत थे कि एक न एक दिन सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष बनेंगे। उन्होंने अपने एक कॉलम में उस समय के रोचक किस्से के बारे बताया। उन्होंने कहा कि 2007 के दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर यह बात हुई थी, जिस पर सारे खिलाड़ी एकमत थे, लेकिन सहवाग ने उससे भी आगे जाकर कहा एक और भविष्यवाणी की थी, जो अभी पूरी होनी बाकी है।
ऐसा सिर्फ गांगुली ही कर सकते थे
अपने कॉलम में साल 2007 को याद करते हुए सहवाग ने लिखा है कि जब उन्होंने पहली बार यह सुना कि सौरव गांगुली बीसीसीआई अध्यक्ष बनने जा रहे हैं तो उन्हें 2007 की वह घटना याद हो आई, जब टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थी। यह बात केपटाउन टेस्ट मैच की है, वह और वसीम जाफर बतौर ओपनर जल्दी आउट हो गए थे। नंबर चार बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर किसी कारणवश मैदान पर नहीं उतर सके तो अचानक ही सौरव गांगुली को नंबर 4 पर बल्लेबाजी के लिए भेज दिया गया। यह उनकी कमबैक सीरीज थी और उन पर अच्छा प्रदर्शन कर अपनी वापसी को सही साबित करने का जबरदस्त दबाव था। लेकिन जिस तरह से बल्लेबाजी कर दबाव और सभी चिंताओं से खुद को और टीम को मुक्त किया, वह सिर्फ वही कर सकते थे।
दूसरी भविष्यवाणी सही होने का कर रहे हैं इंतजार
सहवाग ने आगे लिखा है कि उनकी शानदार बल्लेबाजी का नजारा देख उस दिन ड्रेसिंग रूम में बैठे हम सभी खिलाड़ी इस बात पर एकमत थे कि अगर हममें से कोई एक किसी दिन बीसीसीआई का अध्यक्ष बन सकता है तो वह सिर्फ गांगुली ही हो सकते हैं, तब उन्होंने कहा था कि बस इतना ही, वह एक दिन अपने गृहराज्य पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने लिखा कि एक भविष्यवाणी पूरी हो गई और अब उन्हें दूसरे के पूरे होने का इंतजार है।