जहनारा के इस चौंकाने वाले इंटरव्यू के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी अपने-अपने अनुभव साझा किए, जिसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम ने दोहराया कि जांच पूरी होने के बाद अगर किसी की दोषी के रूप में पुष्टि होती है, तो बोर्ड सख्त कार्रवाई करेगा।
Jahanara Alam accused selector and manager of Sexual harassment: बांग्लादेश की महिला क्रिकेटर जहनारा आलम द्वारा पूर्व चयनकर्ता और मैनेजर मंजुरुल आलम पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने कड़ा रुख अपनाया है। बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम ने रविवार को कहा कि बोर्ड इस मामले में "जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है, चाहे वह डायरेक्टर हो, कोच या स्टाफ सदस्य उसे बख्शा नहीं जाएगा।
विवाद तब सुर्खियों में आया जब बांग्लादेश की पूर्व कप्तान जहनारा आलम ने पत्रकार रियासद अज़ीम को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि पूर्व चयनकर्ता मंजुरुल आलम ने न्यूज़ीलैंड में खेले गए आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2022 के दौरान उनके साथ यौन उत्पीड़न किया था। जहनारा ने आरोप लगाया कि मंजुरुल ने उनके साथ अशोभनीय व्यवहार किया और अनुचित तथा निजी सवाल पूछे, जिनमें उनके पीरियड्स से जुड़ी बातें भी शामिल थीं।
135 अंतरराष्ट्रीय मैचों में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी इस तेज़ गेंदबाज़ ने यह भी दावा किया कि अन्य महिला खिलाड़ियों को भी ऐसे ही अनुभवों का सामना करना पड़ा, लेकिन वे पेशेवर करियर पर असर पड़ने के डर से चुप रहीं। जहनारा के इस चौंकाने वाले इंटरव्यू के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी अपने-अपने अनुभव साझा किए, जिसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम ने दोहराया कि जांच पूरी होने के बाद अगर किसी की दोषी के रूप में पुष्टि होती है, तो बोर्ड सख्त कार्रवाई करेगा।
बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "आपने सवाल पूछा है और मेरा जवाब है जीरो टॉलरेंस। धन्यवाद।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि जांच समिति को अपना काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। अमिनुल ने स्पष्ट किया कि बोर्ड में कोई भी पद किसी को छूट नहीं देता। उन्होंने कहा, "इस देश की प्रधानमंत्री तक ऐसे नियमों से मुक्त नहीं हैं। हम तो सिर्फ साधारण निदेशक हैं। अगर मैं किसी का उत्पीड़न करता हूं और वह साबित हो जाता है, तो मैं भी एक सामान्य निदेशक हूं, कानून से ऊपर नहीं।"
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश तारिक-उल-हकीम करेंगे। समिति में नवनियुक्त बीसीबी निदेशक रुबाबा दौला और सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील बैरिस्टर सरवत सिराज शुक्ला को सदस्य बनाया गया है। समिति को अपनी रिपोर्ट 15 कार्यदिवसों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
इस बीच, क्रीकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीसीबी ने महिला क्रिकेट से जुड़े चार अधिकारियों, मैनेजर एस.एम. गुलाम फैयाज, फिजियो सुरैया अख्तर, कोच महमूद इमन और कोऑर्डिनेटर सरफराज बाबू को जांच पूरी होने तक विशेष ड्यूटी (OSD) पर भेज दिया है।
बीसीबी की फैसिलिटीज कमेटी के निदेशक शनिअन तनीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अध्यक्ष के बयान का समर्थन करते हुए कहा, "चाहे वह कोई कर्मचारी हो या निदेशक, जांच सभी पर लागू होगी। अगर समिति किसी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करती है, तो उसे तुरंत लागू किया जाएगा। किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जाएगी।"