बेंगलुरु हिंसा (Bengaluru violence ) में हजारों की भीड़ ने पुलिस थाने ( Bengaluru Police ) और विधायक ( Congress MLA ) के घर को बनाया निशाना। हिंसा ( Violence in Bengaluru ) में कम से कम तीन लोगों की मौत और तमाम पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना। चश्मदीद ( eyewitness ) ने बताया कि इस पूरे मामले में जनता की गलती है और पुलिस की मदद होनी चाहिए।
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मंगलवार रात हुई हिंसा ( Bengaluru violence ) के दौरान भारी भीड़ ने एक पुलिस स्टेशन की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। एक प्रत्यक्षदर्शी ( eyewitness ) ने बुधवार को बताया कि पुलिसकर्मियों ( Bengaluru Police ) पर हमला करने वालों में हजारों की भीड़ थी।
कर्नाटक ( Karnataka ) की राजधानी के पुलकेशी नगर में मंगलवार रात हुई हिंसा ( Violence in Bengaluru ) के बाद कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है और तमाम पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। यह हिंसा एक सोशल मीडिया मैसेज के बाद भड़क उठी, जिसे कथित तौर पर कांग्रेस विधायक ( Congress MLA ) के एक रिश्तेदार ने पोस्ट किया था। इस दौरान हजारों उपद्रवियों की भीड़ ने पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया और आग लगा दी।
डीजे हल्ली के पुलिस स्टेशन में इस हिंसा के चश्मदीद गवाह रहे शरीफ ने बताया कि वह अपना बयान दर्ज कराने आए थे। मीडिया से बातचीत में शरीफ ने कहा, "हम सिविल डिफेंस से हैं और पुलिस की रक्षा के लिए आए हैं। यह पुलिस की गलती नहीं थी, यह जनता की गलती थी। यह (पुलिस स्टेशन) मेरे मंदिर, मेरी मस्जिद की तरह है। हमें पुलिस की सहायता करनी होगी।"
अधिकारियों ने बताया कि बेंगलुरु पुलिस ने आगजनी, पथराव और पुलिस पर हमले के आरोप में 149 लोगों को गिरफ्तार किया है। कांग्रेस के विधायक (MLA) श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे को भी फेसबुक पर "अपमानजनक" पोस्ट साझा करने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
वहीं, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ( Karnataka Chief Minister BS Yediyurappa ) ने ट्वीट कर हिंसा की निंदा की और कहा कि उन्होंने पहले ही कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।
येदियुरप्पा ने कहा कि पुलिस, मीडिया और जनता पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांत रहने की अपील भी की। येदियुरप्पा ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पत्रकारों, पुलिस और लोगों के खिलाफ हिंसा अस्वीकार्य है।
येदियुरप्पा ने ट्वीट किया, "डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन में उपद्रवियों ने विधायक अखंड श्रीनिवास के घर और पुलिस स्टेशन पर हमला और मारपीट की है। पहले से ही अपराधियों के खिलाफ निर्देश जारी किए गए हैं और सरकार ने स्थिति पर अंकुश लगाने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं।"
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, "कल रात हुए दंगों में पत्रकारों, पुलिस और जनता पर हमला अस्वीकार्य था। सरकार ऐसे उकसावों और अफवाहों को बर्दाश्त नहीं करेगी। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निश्चित है। मैं लोगों से शांति बनाए रखने और संयम के साथ और बिना घबराहट के कार्य करने की अपील करता हूं।"
मूर्ति के भतीजे द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट के बाद भीड़ द्वारा उनके घर को निशाना बनाया गया। हिंसा भड़कने के बाद कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवासमूर्ति के आवास पर भी हमला किया गया। इलाके में हिंसा भड़कने के बाद डीजे हल्ली और केजी हल्ली पुलिस थानों की सीमा में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पुलिस ने बेंगलुरु में एक स्थान पर चार या अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने को प्रतिबंधित करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 भी लगाई है।