वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हिंसक प्रदर्शन पर दुख जताया है। केजरीवाल ने कहा कि इस तरह का प्रदर्शन कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (citizenship amendment act) के खिलाफ पूर्वोत्तर और बंगाल में भड़की हिंसा की आग रविवार को दिल्ली तक पहुंच गई है। दक्षिणी दिल्ली के जामिया मिलिया विवि (jamia millia islamia university ) के छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शन के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। रविवार रात विवि परिसर में छात्रों ने हिंसक प्रदर्शन किया। छात्रों के हिंसक प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस ने लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले दागे।
हालांकि दिल्ली पुलिस पर बिना अनुमति विवि परिसर में प्रवेश करने का आरोप है। वहीं दिल्ली पुलिस ने जामिया मिलिया विश्वविद्यालय परिसर में बिना अनुमति घुसने के आरोपों को इनकार किया है। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस हिंसक प्रदर्शन पर दुख जताया है। केजरीवाल ने कहा कि इस तरह का प्रदर्शन कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की
पुलिस का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि विवि के कुछ अराजक तत्व बसों में आगजनी और तोड़फोड़ कर रहे हैं। इसपर छात्रों से शांत रहने को कहा गया। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को सिर्फ पीछे हटने को मजबूर किया गया, लेकिन पुलिस ने कोई गोली नहीं चलाई।उन्होंने माना कि परिसर के भीतर से पत्थरबाजी होने पर पुलिस ने प्रवेश करके उद्रवियों की पहचान करने की कोशिश की।
हिंसा में पट्रोल बम का भी इस्तेमाल किया गया
बिस्वाल ने बताया, "हिंसा में पुलिस के छह जवान जख्मी हो गए और कई प्रदर्शकारियों को हिरासत में लिया गया।उन्होंने कहा, "कुछ प्रदर्शकारी हिंसा करने की तैयारी करके आए थे, इसलिए जब उनको रिंग रोड पर रोका गया तो वे हिंसा पर उतारू हो गए।" पुलिस हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं करना चाहती है कि रविवार की हिंसा में पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इस बात की भी पुष्टि नहीं की कि रविवार के विरोध प्रदर्शन में छात्र शामिल थे या नहीं।