प्रियंका सिंह को 2005 में नवाजा गया था मिस मेरठ के खिताब से
नोएडा। मार्च 2005 में मेरठ में 18 साल की एक लड़की को मिस मेरठ के ताज से नवाजा गया था। उस समय उसने स्टेज से कहा था कि वह यहां पर अपनी मां की वजह से है। मॉडलिंग में अपना नाम कमाने की चाहत लिए वह लड़की रातों रात पूरे जिले ही नहीं बल्कि वेस्ट यूपी में छा गई। इसके तीन साल बाद मेरठ में एक ऐसी घटना हुई, जिसने वेस्ट यूपी समेत पूरे प्रदेश को हिला कर दिया था। इस केस का खुलासा तो और भी चौंकाने वाला था। किसी को भी इस पर यकीन नहीं हो रहा था। आज हम आपको उसी मिस मेरठ की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसे जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
2005 में बनी थी मिस मेरठ
हम बात कर रहे हैं 2005 में मिस मेरठ बनी प्रियंका सिंह की। उस समय उसने इसका श्रेय अपनी मां को दिया था। इसके तीन साल बाद मेडिकल थानाक्षेत्र के प्रेम प्रयाग काॅलोनी में 10 नवंबर 2008 की रात को जेई प्रेमवीर सिंह और उनकी पत्नी संतोष का डबल मर्डर हुआ था। दोनों के खून से सने शव उनकी कोठी में पड़े मिले थे। ये प्रियंका सिंह के माता-पिता थे। इसके बाद पुलिस ने अपनी छानबीन शुरू की तो चौंकाने वाली कहानी सामने आई थी। इसके पीछे मिस मेरठ की कहानी को भी वजह बताया गया।
किराए के मकान में मिली थीं दोनों
जांच पड़ताल में पुलिस को मिस मेरठ प्रियंका सिंह पर शक हुआ। इसके बाद उन्हें खोजा गया तो वे मेरठ में ही किराए के एक मकान में मिली थी। वहां उसके साथ उसकी सहेली अंजू भी थी, जो अमरोहा की रहने वाली है। पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना कबूल किया था। प्रेस के सामने भी उसने अपने माता-पिता की हत्या करना स्वीकारा था।
ऐसे खुला था केस
एक अखबार को दिए इंटरव्यू में मेरठ के तत्कालीन एसपी क्राइम राकेश कुमार जौली ने बताया था कि जांच के दौरान उनका ध्यान घर में बंधे डाबरमैन कुत्ते की हरकतों पर पड़ा था। इतना सब होने के बावजूद कुत्ता भौंका नहीं था, जिसने पुलिस को एक क्लू दिया था। इससे टीम को लगा कि वारदात में कोई परिचित शामिल है। इसके बाद पता चला कि प्रियंका गायब है। वह दिल्ली में पढ़ती थी। बाद में मोबाइल लोकेशन से पता चला कि प्रियंका सहेली अंजू के साथ मेरठ में ही कमलानगर में किराए के एक कमरे में रह रही थी। वहां से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद 28 मई 2015 को कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब दोनों जेल में हैं।
यह थी कहानी
मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार, प्रियंका ने अपनी स्कूलिंग मेरठ के जेपी एकेडमी से की थी। उसने 2002 में इंडियन स्कूल आॅफ फैशन टेक्नोलॉजी से ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद उसने मॉडलिंग में भाग्य आजामाया और 2005 में मिस मेरठ का खिताब जीता था। बताया जाता है कि उसके ब्वॉयफ्रेंड ने उसे धोखा दे दिया था और परिवार में सही हालात नहीं थे। इस वजह से वह 2006 में दक्षिणी दिल्ली के गवर्नमेंट गर्ल्स पॉलिटेक्निक में चली गई थी। वहां उसकी मुलाकात अमरोहा की रहने वाली अंजू से हुई थी। अंजू के पिता बैंक में अधिकारी थे। अंजू को भी लगता है उसका परिवार भी उसे बेटी होने की वजह से प्यार नहीं करता है। इस वजह से दोनों काफी करीब आ गईं। दोनों पर समलैंगिक संबंधों के आरोप भी लगे थे। इस दौरान अंजू और प्रियंका कहती थीं कि दोनों एक साथ रहेंगी। उनका विरोध करने वालों को अंजाम भुगतना पड़ेगा। इसके बाद प्रियंका के पिता ने संपत्ति बेटे गौरव के नाम कर दी थी, जिस पर प्रियंका नाराज रहने लगी थी।
पिता से थी नाराज
मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, पुलिस की चार्जशीट में हत्या की वजह प्रियंका की पिता से नाराजगी बताई गई थी। दरअसल, उसके पिता प्रेम सिंह ने सारी संपत्ति बेटे गौरव के नाम कर दी थी। गिरफ्तारी के दौरान प्रियंका ने कहा था कि परिवार में उसकी कोई इज्जत नहीं थी। बताया जाता है कि प्रियंका और अंजू में समलैंगिक संबंध थे, जिसका विरोध उसके पिता करते थे।