क्राइम

कहीं अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते तो नहीं हो रही है मौलाना साद की गिरफ्तारी!

गृह मंत्रालय के रडार पर मौलाना साद, क्राइम ब्रांच को ठिकाने की जानकारी तीन हफ्तों से क्राइम ब्रांच प्रवर्तन निदेशालय को चकमा दे रहा मौलाना साद

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,,कहीं अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते नहीं हो रही है मौलाना साद की गिरफ्तारी!

अनुराग मिश्रा

नई दिल्ली। पिछले तीन हफ्तों से क्राइम ब्रांच प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) को चकमा दे रहे मौलाना साद ( Maulana saad ) पर जल्दी ही कड़ी कार्रवाई होगी। दिल्ली के निजामुद्दीन स्टेट तबलीगी मरकज ( Tablighi markaz ) के मुख्यालय से साद 27 मार्च के बाद से फरार है। गौरतलब है की मरकज में बैठे जमातीयों को वहां से हटाने को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ( NSA Ajit Doval )
मरकज के मुख्यालय गए थे। उसके बाद मरकज की बिल्डिंग से जमतियों को बाहर निकाला गया था। वहीं, मौलाना साद के करीबी, तबलीगी मरकज के मुखिया की गिरफ्तारी की सूरत में खतरनाक नतीजे की भी धमकी दे रहे हैं।

साद के करीबी इशारों इशारों में उसकी गिरफ्तारी ना होने के पीछे अंतरराष्ट्रीय दबाव की भी बात करते हैं। मौलाना साद के रसूख का हवाला देकर वह गिरफ्तारी पर जमातियों के चुपचाप नहीं बैठेने की भी धमकी देते हैं। गौरतलब है कि मार्च के शुरुआती हफ्ते में तबलीगी मरकज की बिल्डिंग में एक इज्तिमा का आयोजन हुआ था। जिसमें 70 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, इंडोनेशिया सहित कई देशों से जमाती यहां आए थे। इसका दक्षिण एशिया में भी खासा प्रभाव है और यहां जमातीओं की संख्या लाखों में है।

गृह मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए जिम्मेदार तबलीगी मरकज का मुखिया को पकडऩे के लिए स्पेशल टीमें काम पर लगी है। गौरतलब है की क्राइम ब्रांच के बार बार पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर भी मौलाना साद सामने नहीं आ रहा है क्राइम ब्रांच ने साद से 26 सवाल भी किए थे, जिसका जवाब अभी तक नहीं आया है। साद के प्रवक्ता बार-बार जरूरी कागजात ना होने का बहाना बनाकर बचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब गृह मंत्रालय को पूरी सूचना मिल चुकी है कि साद कहां छुपा हुआ है। जल्दी ही वह money-laundering मामले, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 की तमाम धाराओं के तहत गिरफ्तार होगा।ईडी ने लेनदेन से जुड़े दस्तावेज खंगालना शुरु कर दिया।

दिल्ली पुलिस ने अब तक एफआईआर में कुल आठ धाराएं शामिल कर दी हैं। जिनमें धारा 188, 270, 270, 271, 336, 308, 304 और 120 बी है। क्राइम ब्रांच ने मेवात स्थित मरकज के पहले अड्डे पर भी जाकर जांच पड़ताल की है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के शामली के कांधला थाना स्थित साद के बड़े फार्म हाउस की भी पड़ताल की है। 21 सदस्यों की क्राइम ब्रांच की टीम ने कुछ जरूरी दस्तावेज भी जप्त किए हैं। वहां से साद के कुछ करीबियों को भी उठाया गया है।

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Updated on:
23 Apr 2020 10:52 pm
Published on:
23 Apr 2020 07:45 pm
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