
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर आने वाला हर वीडियो और फोटो बैगर सोचे समझे आगे फॉरवर्ड कई बार आपको मुश्किल में डाल सकता है। इसबार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कुछ ऐसा ही किया, जिसके बाद उन्हें लेने के देने पड़ गए हैं। 15 जून को दलित लड़कों को नग्न कर घुमाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करके कांग्रेस अध्यक्ष फंस गए हैं। महाराष्ट्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एमएससीपीसीआर) ने राहुल को समन भेज इसपर सफाई मांगी है। बता दें कि महाराष्ट्र के जलगांव में पिछले सप्ताह ऊंची जाति के लोगों के कुएं पर नहाने की सजा के तहत तीन दलित लड़कों को नग्न कर उन्हें गांव में घुमाए गया था। राहुल ने इस वीडियो को शेयर कर लड़कों की पहचान उजागर की है।
10 दिन जवाब दें राहुल गांधी
आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी द्वारा 15 जून को उनके ट्विटर पर वह वीडियो अपलोड करने के कारण उन पर बाल अपराध से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। राहुल गांधी को इसी के मद्देनजर आयोग ने जुलनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 74 और पॉस्को एक्ट की धारा 23 के तहत नोटिस भेजा है। राहुल से 10 दिनों मामले पर जवाब मांगा गया है।
राहुल ने वीडियो के साथ लिखा क्या था
राहुल गांधी ने अपने ट्विटर पर लिखा था कि महाराष्ट्र के इन दलित बचचों का अपराध सिर्फ इतना था कि ये एक 'सवर्ण' कुएं में नहा रहे थे। आज मानवता भी आखिरी तिनकों के सहारे अपनी अस्मिता बचाने की कोशिश कर रही है। आरएसएस-बीजेपी की मनुवाद की नफरत की जहरीली राजनीति के खिलाफ हमने अगर आवाज नहीं उठाई तो इतिहास हमें कभी माफ नहीं करेगा।
सीएम को भी लिखा शिकायती खत
सामाजिक कार्यकर्ता अमोल जाधव से शिकायत मिलने के बाद आयोग के अध्यक्ष प्रवीन घुगे ने मामले को तत्काल संज्ञान में लिया। जाधव ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को पत्र लिखा। वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि उन्हें अब तक समन नहीं मिला है, लेकिन कुछ भी बोलने से पहले वे इसकी जांच करेंगे।
कांग्रेस बोली- मुद्दे से भटकाने की कोशिश
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा मुद्दे से भटकाने का यह एक प्रयास है। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि जिस वीडियो की बात हो रही है वह तो सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल है और इसे अपलोड करना अपने आप में एक अपराध है।