हसनाबाद में सरस्वती दास की हत्या दो दिन पहले बीजेपी कार्यकर्ता आशीष सिंह की हुई थी हत्या पिछले कुछ दिनों में कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या
नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी और टीएमसी के बीच लगातार जंग जारी है और हर दिन हिंसक घटनाएं घट रही हैं। ताजा मामाला है उत्तर 24 परगना जिले की, जहां एक बीजेपी महिला कार्यकर्ता सरस्वती दास की हत्या कर दी गई है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार देर रात 24 परगना जिले के हसनाबाद में अपराधियों ने बीजेपी महिला कार्यकर्ता सरस्वती दास (42 साल) को गोलियों से भून दिया। इस हमले में सरस्वती दास की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और काफी संख्या में बीजेपी नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। बीजेपी ने इस हत्या के लिए तृणमूल कांग्रेस ( TMC ) को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
इससे पहले मालादा में बीजेपी कार्यकर्ता आशीष सिंह की हत्या कर दी गई थी। उसकी डेड बॉडी इंग्लिश बाजार पुलिस स्टेशन के बाधापुकुर से बरामद की गई थी। आशीष दो दिनों से लापता था। आशीष की हत्या से आक्रोशित बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पूरे बंगाल में विरोध प्रदर्शन किया था।
मंगलवार को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांकीनारा में बम धमाके में 2 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि, 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इससे पहले एक आरएसएस और एक बीजेपी के कार्यकर्ता के पेड़ से लटकते शव पाए जाने से सनसनी फैल गई थी।
हावड़ा के आमटा स्थित सरपोटा गांव में भी कुछ दिन पहले बीजेपी कार्यकर्ता समातुल दोलुई का शव पेड़ से लटकते हुए मिला था। दोलुई के परिवार और बीजेपी नेताओं ने इस घटना के पीछे तृणमूल कांग्रेस का हाथ बताया था।
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पिछले शनिवार को भी उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली में पार्टी के झंडे निकालकर फेंकने को लेकर टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया था। बीजेपी ने दावा किया था कि टीएमसी समर्थित लोगों द्वारा उनके पांच कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई है और 18 अन्य लापता हो गए हैं।
इधर, टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के तीन कार्यकर्ता संदेशखली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके हाटगाछी में हुए खूनी संघर्ष में मारे गए हैं। संदेशखली संघर्ष में मारे गए लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की गई थी। इस घटना को लेकर बंगाल में जमकर बवाल हुआ था। इस घटना के विरोध में बीजेपी की ओर से काला दिवस भी मनाया गया था।
लोकसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल राजनीतिक हिंसा के दौर से गुजर रहा है। यहां अब तक कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। इस बावत गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने राज्य के प्रमुख चार राजनीतिक दलों की बैठक भी बुलाई थी, लेकिन ये बैठक बेनतीजा रही।
राजभवन से बाहर निकलते हुए राज्य बीजेपी के उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने कहा कि राज्यपाल पांच सुझावों के साथ आए थे लेकिन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि ने कहा कि वह मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी से बात करने से पहले इसका समर्थन नहीं कर सकते।