लड़कियों ने आरोपियों में दो लोगों को नाम लिए है, जिनमें एक को ‘नेताजी’ और दूसरे को ‘हंटरवाला अंकल’ कहकर पुकारा जाता था।
पटना। बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए शेल्टर होम दुष्कर्म मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। शेल्टर होम में रही बच्चियों ने जब अपना दर्द बयां किया तो सबकी रूह कांप गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने बच्चियों ने बताया कि जैसे ही शाम होती थी तो सभी लड़कियां बुरी तरह से डरने लगती थीं। उन्होंने बताया कि वो रातें आतंक से भरी हुई थीं। एक 10 साल की बच्ची ने बताया कि उनके साथ हर रात दुष्कर्म किया जाता था। लड़कियों ने आरोपियों में दो लोगों को नाम लिए है, जिनमें एक को ‘नेताजी’ और दूसरे को ‘हंटरवाला अंकल’ कहकर पुकारा जाता था।
जानकारी के अनुसार जिसको वो नेताजी कहती थीं, वो बिहार सरकार में एक मंत्री का पति है जबकि ‘हंटरवाला अंकल’ कोई और नहीं बल्कि खुद शेल्टर होम संचालक संचालक ब्रजेश ठाकुर है। पुलिस ने ब्रजेश को गिरफ्तार कर लिया है। एक पीड़िता के अनुसार उनको हर रोज यातनाएं दी जाती थी। यही नहीं उनको खाना तक नहीं दिया जाता था और इंजेक्शन दिए जाते थे। उन्होंने बताया कि लड़कियों के साथ हर रात दुष्कर्म किया जाता था। अगर कोई लड़की विरोध करती थी तो 'हंटरवाला अंकल' उसकी डंडे से खूब पिटाई करता था। ब्रजेश ठाकुर का खौफ इस कदर था कि जैसे ही वह कमरे में घुसता था तो लड़कियां सहम उठती थीं। एक पीड़िता के अनुसार वह इस बारे में रोज किरण मैडम को आपबीती सुनाती थी, लेकिन वह कुछ नहीं करती थीं। आपको बता दें कि किरण समेत तीन महिलाओं को शेल्टर होम में बच्चियों की देखरेख के लिए रखा गया था। घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया गया है।
वहीं दूसरी ओर एक पीड़िता ने बताया कि एनजीओ के स्टॉफ और फिर बाहरी लोगों ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। यहां तक कि वह पीड़ा के कारण कई दिनों तक ठीक से चल भी नहीं पाई थी। उसने बताया कि उसको अक्सर शेल्टर होम से बाहर ले जाया जाता था और सुबह को वापस लाया जाता था।