दिल्ली तक फैला है आतंकी हाफिज सईद का जाल, टेरर फंडिंग में सनसनीखेज खुलासा
नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) के आंतकी फंडिंग से जुड़े मॉडयूल का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली में कई जगहों पर एनआईए ने छापे मारे हैं। ये फाउंडेशन पाक के आतंकी हाफिज सईद के संगठन जमात उद दावा और लश्कर ए तैयबा का ही हिस्सा है।
लश्कर-ए-तैयबा सरगना और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड का देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे आतंकी फंडिंग के रैकेट का एनआइए ने पर्दाफाश किया है। आतंकी फंडिंग से जुड़े तीन लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही उनके पास से करोड़ों रुपये की देशी और विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है। यह रैकेट लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन के तहत चलाया जा रहा था। फलाह-ए-इंसानियत को अमरीका ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है।
इन इलाकों में मारे छापे
एनआईए ने टेरर फंडिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों की धरपकड़ के लिए दिल्ली के दरियागंज, निजामुद्दीन और कूचा घासीराम एरिया में छापे मारे। इसमें आतंकी फंडिंग से जुड़े तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई। इनके पास से करोड़ों रुपए की देशी-विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई।
कुछ महिने पहले मिली थी जानकारी
एनआइए के मुताबिक भारत में आतंक फंडिंग के लिए फलाह-ए-इंसानियत के नेटवर्क के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी कुछ महीने पहले मिली थी। इसके आधार पर इस साल जुलाई में एनआइए में एफआइआर भी दर्ज की गई थी। जांच में पता चला कि निजामुद्दीन में रहने वाला मोहम्मद सलमान यूएई में रहने वाले फलाह-ए-इंसानियत के लिए काम करने वाले पाकिस्तानी के संपर्क में था। पाक नागरिक एफआईएफ के उप प्रमुख से जुड़ा था। एफआईएफ प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का सहयोगी संगठन है।
एनआईए ने 25 सितंबर को निजामुद्दीन में मोहम्मद सलमान, दरियागंज निवासी मोहम्मद सलीम (हवाला संचालक) और कूचा घासीराम निवासी राजाराम के ठिकानों पर तलाशी ली और 1.56 करोड़ रुपये नकद, 43 हजार रुपये मूल्य की नेपाली मुद्रा, 14 मोबाइल फोन, पांच पैन ड्राइव और कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किये।