Vikas Dubey Encounter अब Supreme court तक जा पहुंचा मुखबिरी के आरोपी SI KK Sharma ने Supreme court में याचिका दायर की याचिका में इस मामले की जांच CBI को सौंपे जाने की गुहार भी लगाई
नई दिल्ली। कानपुर के कुख्यात विकास दुबे केस ( Vikas Dubey Encounter ) अब सुप्रीम कोर्ट ( Supreme court ) तक जा पहुंचा है। कानपुर में 3 जुलाई को 8 पुलिस वालों की हत्या मामले में मुखबिरी के आरोपी सब इंस्पेक्टर केके शर्मा ( Sub Inspector KK Sharma ) ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर ( Petition filed in Supreme Court ) कर अपनी जान को खतरे बताते सुरक्षा दिए जाने की मांग की है। इसके साथ ही याचिका में इस मामले की जांच CBI को सौंपे जाने की गुहार भी लगाई है। गौरतलब है कि तीन जुलाई को तड़के पुलिस टीम विकास दुबे के घर पर दबिश ( Kanpur Encounter ) देने गई थी, इस दौरान वहां हुए हमले में आठ सीओ और इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका सब इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार शर्मा ने अपनी पत्नी विनीता सिरोही के माध्यम से दाखिल कराई है, जिसमें उसने जान के खतरे की आशंका जताई है। याचिका में कहा गया कि केके शर्मा को अवैध तरीके से मारा जा सकता है। केके शर्मा को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया है कि उसने बिकरू गांव में विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना दी थी। जिसके जवाब में शर्मा ने कहा कि चौबेपुर थाना इंचार्ज विनय तिवारी ने उसको फोन कर थाने में रहने के निर्देश दिए थे।
आपको बता दें कि विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना देने और पुलिस टीम की जान जोखिम में डालने के आरोप में चौबेपुर के थाना इंचार्ज विनय तिवारी और सब इंस्पेक्टर केके शर्मा को सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में पूरे चौबेपुर थाने की विकास दुबे के साथ मिलीभगत की आशंका जताई गई है, जिसके चलते अब तक 68 पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया जा चुका है। इसके साथ ही अभी कई और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होने की संभावना है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि बिल्हौर सर्किल के चौबेपुर, शिवराजपुर, बिल्हौर, ककवन थाने और कानपुर देहात के शिवली थाने के करीब 200 पुलिसकर्मियों के मोबाइल नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं।