
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में नगर परिषद अंतर्गत आने वाले ग्राम चौरई के रहवासियों के लिए मुक्तिधाम न होना अब बड़ी परेशानी का कारण बन रहा है। नगर परिषद के 15 वार्डों में से 12 वार्ड नगर में हैं, जहां वार्ड क्रमांक 5 और 9 में मुक्तिधाम बने हुए हैं। चौरई के 3 वार्डों की लगभग 2 हजार की आबादी के लिए आज तक कोई शांतिधाम नहीं बन सका। इसी वजह से लोगों को खुले मैदान में अंतिम संस्कार करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
तेज बारिश के बीच घटी एक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। चौरई निवासी अति गरीब रामेश्वर बेन उम्र 45 वर्ष की जबलपुर में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। शव गांव लाकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो उस समय तेज बारिश हो रही थी। मुक्तिधाम न होने के कारण परिजनों ने खुले मैदान में ही चिता लगाई। बारिश के कारण बार-बार चिता की आग बुझ रही थी। ऐसे में 6 से 7 परिजनों ने लगभग 4 से 5 घंटे तक बरसाती छातों के सहारे आग को बचाए रखा। करीब 10 से 12 लोग अंतिम संस्कार मैं मौजूद थे। तब कहीं जाकर लगभग 10 घंटे में शव पूरी तरह जल सका।
मामले में नगर परिषद की उपयंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वार्ड क्रमांक 14 में मुक्तिधाम के लिए आरक्षित भूमि का सीमांकन नवंबर 2025 में नगर परिषद और पटवारी की मौजूदगी में हो चुका है। मुक्तिधाम निर्माण के लिए जुलाई माह में टेंडर भी निकाला जा चुका है। जिसमें बाउंड्रीवॉल, गेट ,चबूतरा, टीनशेड ,फेंसिंग एस्टीमेट में शामिल है जो अतिक्रमण है उसे हटाया जाएगा और फिर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। एसडीएम सीजी गोस्वामी ने बताया कि यह बेहद दुखद और शर्मनाक है। मैंने तुरंत सीएमओ से बात की। उन्होंने बताया कि मुक्तिधाम के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 15 से 20 दिनों के भीतर शांतिधाम का निर्माण शुरू हो जाएगा। भूमि पहले से आरक्षित है, केवल कुछ लोगों ने उस पर अतिक्रमण कर रखा है। अतिक्रमण हटाने के लिए आरआई और पटवारी की टीम गठित कर दी गई है।